मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:06 · नई दिल्ली संस्करण

जेल विभाग के क्लर्क को ठगने वाले तीन आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जेल विभाग के क्लर्क को ठगने वाले तीन आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार

फतेहाबाद। साइबर ठगों की धरपकड़ करते हुए साइबर थाना फतेहाबाद पुलिस ने एक नाबालिग सहित तीन लोगों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों की पहचान रवि कुमार सैनी पुत्र सुरेश कुमार व कमलेश कुमार सैनी पुत्र लाल कुमार दोनों निवासी बगीची का बास, राजगढ़, जिला अलवर, राजस्थान के रूप में हुई है जबकि तीसरा नाबालिग आरोपी भी अलवर जिले का रहने वाला है। नाबालिग को जहां अदालत ने जमानत दे दी वहीं दो अन्य आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों के पास से एक मोबाइल व 500 रुपये की नकदी बरामद हुई है।शनिवार को इस बारे जानकारी देते हुए साइबर थाना फतेहाबाद प्रभारी इंस्पैक्टर सतीश ने बताया कि इस बारे पुलिस ने 21 मई को गांव नाढोड़ी निवासी गुरसेवक सिंह पुत्र जगरूप सिंह की शिकायत पर केस दर्ज किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार वह जेल विभाग पंचकूला में क्लर्क के पद पर कार्यरत है। 18 मई को उसके मोबाइल नंबर पर व्हाटसएप कॉल आई। फोन करने वाले ने कहा कि अगर वह ट्रेडिंग करना चाहता है तो वह उसको ट्रेडिंग करवा कर अच्छा प्रोफिट दिला सकता है। इस पर उसने ट्रेडिंग करने के लिए हां कर दी। इसके बाद उसे एक यूपीआई आईडी दी और उस पर ट्रेडिंग शुरू करने के लिए 88 हजार 805 रुपये भेजने को कहा। गुरसेवक ने बताया कि उसने अपने गूगल-पे नंबर से 88 हजार 805 रुपए बताई गई यूपीआई आईडपी पर ट्रांसफर कर दिए। गुरसेवक ने कहा कि इसके बाद जब उसने उक्त नंबर पर कॉल की तो न तो उसका फोन उठाया और न ही उसे कोई जवाब दिया बल्कि उसका नंबर भी ब्लाक कर दिया। इसके बाद उसे अपने साथ हुए फ्रॉड का पता चला। इस मामले में साइबर थाना फतेहाबाद पुलिस ने केस दर्ज कर तीन आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें