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शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 · शाम 6:52 · नई दिल्ली संस्करण

सरकार का बड़ा फैसला: 1 नवंबर से बदल जाएगा कॉलिंग सिस्टम, अनजान कॉलर की पहचान होगी आसान

1 नवंबर 2026 से देश में CNAP सेवा शुरू होगी। DoT के आदेश के बाद Jio, Airtel, Vi, BSNL के 4G/5G नेटवर्क पर अनजान कॉलर का नाम स्क्रीन पर दिखेगा। यह नाम SIM के KYC रिकॉर्ड से आएगा, इसके लिए कोई ऐप नहीं चाहिए। सेव नंबर पर सेव नाम ही दिखेगा। विदेशी कॉल पर 'International Call' लिखा आएगा। इससे फर्जी और स्पैम कॉल पर लगाम लगेगी, Truecaller पर निर्भरता कम होगी।

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सरकार का बड़ा फैसला: 1 नवंबर से बदल जाएगा कॉलिंग सिस्टम, अनजान कॉलर की पहचान होगी आसान

नई दिल्ली: मोबाइल पर आने वाले अनजान नंबरों से परेशान लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। 1 नवंबर 2026 से देश भर में कॉलर का नाम दिखने वाला नया नियम लागू होने जा रहा है। अब किसी भी अनजान नंबर से कॉल आएगा तो स्क्रीन पर सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि कॉल करने वाले का नाम भी दिखेगा। दूरसंचार विभाग (DoT) ने 13 अक्टूबर को जारी सर्कुलर में सभी टेलीकॉम कंपनियों - Jio, Airtel, Vi और BSNL को आदेश दिया है कि वे 1 नवंबर से Calling Name Presentation (CNAP) सेवा शुरू करें।



CNAP एक नेटवर्क आधारित सेवा है। अभी तक फोन में नाम तभी दिखता था जब नंबर आपके कॉन्टैक्ट में सेव हो या आप Truecaller जैसी थर्ड पार्टी ऐप इस्तेमाल करते हों। लेकिन अब से टेलीकॉम नेटवर्क खुद ही नाम दिखाएगा। यह नाम टेलीकॉम कंपनी के पास मौजूद KYC रिकॉर्ड से लिया जाएगा, यानी SIM लेते वक्त आपने जो ID जमा की थी, उसी नाम से कॉल जाएगी। अगर नंबर सेव है: तो आपके फोन में सेव किया हुआ नाम ही दिखेगा। अगर नंबर सेव नहीं है: तो कॉलर के ऑपरेटर के रिकॉर्ड वाला नाम दिखेगा।



विदेश से कॉल: तो नाम की जगह स्क्रीन पर International Call लिखा आएगा। CLIR वाले कॉलर: जिन्होंने अपना नंबर छिपाने की सुविधा ली है, उनका नाम नहीं दिखेगा। इसके लिए आपको कोई ऐप डाउनलोड करने या कोई रिक्वेस्ट करने की जरूरत नहीं है। यह सेवा 4G और 5G नेटवर्क पर डिफॉल्ट ऑन रहेगी। फिलहाल यह नियम सिर्फ 4G और 5G नेटवर्क पर लागू होगा। DoT ने कहा है कि 2G, 3G और लैंडलाइन नेटवर्क पर इसे बाद में लागू करने पर विचार किया जाएगा। देश में अभी भी करीब 27 से 30 करोड़ यूजर 2G नेटवर्क पर हैं।



CNAP लागू होने के बाद Truecaller जैसी ऐप्स पर निर्भरता कम हो सकती है, क्योंकि अब नाम सीधे सरकारी वेरिफाइड KYC से आएगा, न कि क्राउडसोर्स डेटा से। हालांकि, CNAP कॉल को ब्लॉक नहीं करेगा, सिर्फ नाम दिखाएगा। स्पैम रोकने के लिए आपको फिर भी DND या कॉल ब्लॉक फीचर इस्तेमाल करना होगा। अगर SIM आपके माता-पिता, पति-पत्नी या कंपनी के नाम पर है, तो वही नाम लोगों को दिखेगा। इसलिए 1 नवंबर से पहले अपने ऑपरेटर ऐप में जाकर चेक कर लें कि आपका SIM किस नाम पर रजिस्टर्ड है। अगर नाम गलत है तो शिकायत दर्ज करा सकते हैं।



सरकार का मकसद फर्जी कॉल, साइबर फ्रॉड और स्पैम पर लगाम लगाना है। TRAI ने फरवरी 2024 में ही CNAP की सिफारिश की थी, जिसे अब लागू किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि KYC डेटा में गलतियों के कारण कभी-कभी गलत नाम भी दिख सकता है, लेकिन कुल मिलाकर करोड़ों यूजर्स के लिए यह पहचान के लिहाज से एक बड़ा कदम साबित होगा।

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