नन्हें फरिशते ने नाबालिग बच्चियों को बचाया
रांची। रांची रेलवे स्टेशन से आरपीएफ और नन्हें फरिश्ते की टीम ने मंगलवार को दो नाबालिग बच्चियों को बरामद किया है। दोनों बच्चियों को मानव तस्कर दिल्ली ले जाने की तैयारी में थे। मानव तस्कर इन बच्चियों को पांच-पांच हजार में बेचने वाले थे। एक बच्ची बंदगांव, चाईबासा और दूसरी रानिया सोडे, खूंटी की रहने वाली है।मानव तस्कर के चंगुल से मुक्त कराने के बाद दोनों बच्चियों को सीडब्ल्यूसी को सौंप दिया गया। इसके बाद सीडब्ल्यूसी रांची के आदेश पर उन्हें प्रेमाश्रय को सौंप दिया गया। सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए सभी को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना रांची पुलिस को सौंपा गया। रांची कोतवाली थाना में सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।दिल्ली में काम दिलाने ले जा रहा था मानव तस्कररांची रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ ने संदेह होने पर दोनों बच्चियों से पूछताछ की। पूछताछ करने पर दोनों ने बताया कि सभी डांग नाम का व्यक्ति (जो सिमडेगा का रहने वाला है) उन्हें दिल्ली में काम दिलाने ले जा रहा है। आरपीएफ ने जब सभी डांग ने पूछताछ की तो वह सही तरीके से जवाब नहीं दे पाया। तब जाकर खुलासा हुआ कि वह नाबालिग की तस्करी कर रहा है। उसने मादीपुर (मादीपुर मेट्रो स्टेशन के पास) में रहने वाले कमल साहू ने इस काम के लिए 5000 रुपये दिये थे।क्या है नन्हें फरिश्तेनन्हे फरिश्ते आरपीएफ की एक विंग है, जो बच्चों के रेस्क्यू का काम करती है। नन्हे फरिश्ते कहीं आने-जाने वाली जगहों पर जैसे ट्रेन या बस स्टैंड पर संदिग्ध दिखाई देते हैं, उनसे पूछताछ करती है और मानव तस्करी का खुलासा करती है।





