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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:15 · नई दिल्ली संस्करण

जल सुरक्षा को लेकर हरियाणा में ‘वाटर सिक्योर हरियाणा’ कार्यक्रम का ऐलान

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जल सुरक्षा को लेकर हरियाणा में ‘वाटर सिक्योर हरियाणा’ कार्यक्रम का ऐलान

चंडीगढ़। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश में ’वाटर सिक्योर हरियाणा’ कार्यक्रम को लागू किया जाएगा ताकि जल सुरक्षा को सुदृढ़ तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके। राणा शुक्रवार को कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम अथवा योजना का मुख्य उद्देश्य सब-सरफेस और वर्टिकल ड्रेनेज तकनीकों के माध्यम से सेम प्रभावित भूमि को उपजाऊ बनाना, जल-दक्ष फसलों और आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहित करना, जलवायु-स्मार्ट कृषि पद्धतियों को अपनाना तथा अधिक पानी की खपत वाली फसलों का क्षेत्रफल कम करके किसानों की आय में वृद्धि करना है।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को क्लस्टर-आधारित रणनीति के तहत लागू किया जाएगा। जलभराव और लवणता सुधार के लिए झज्जर और रोहतक सहित अन्य प्रभावित जिलों के क्लस्टर-13 में 2.0 लाख एकड़ भूमि को लक्षित किया गया है, जिसमें चरणबद्ध तरीके से ड्रेनेज सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। फसल विविधीकरण और पानी की बचत के उद्देश्य से कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद और करनाल के क्लस्टर-5 में 5.0 लाख एकड़ क्षेत्र में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, वहीं क्लस्टर-13 में 1.12 लाख एकड़ क्षेत्र में 'मेरा पानी मेरी विरासत' के तहत वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा।

राणा ने बताया कि इस कार्यक्रम को वर्ष 2026 से 2032 तक कुल छह वर्षों की अवधि में लागू करने का प्रस्ताव है, जिसकी कुल अनुमानित लागत 5,714.80 करोड़ तय की गई है। इस परियोजना के लिए 70 प्रतिशत राशि यानी 4,000.36 करोड़ विश्व बैंक द्वारा वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी, जबकि शेष 30 प्रतिशत राशि यानी 1,714.44 करोड़ हरियाणा सरकार अपने अंशदान के रूप में वहन करेगी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा इस परियोजना के कृषि घटक के लिए 886.00 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जो कुल परियोजना लागत का लगभग 16 प्रतिशत है।

इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक राजनारायण कौशिक, अतिरिक्त निदेशक रामप्रताप सिहाग एवं डॉ.देवेंद्र सिहाग के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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