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गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 · शाम 6:47 · नई दिल्ली संस्करण

Varanasi: पीएम के गढ़ में भाजपा को झटका, आशुतोष सिन्हा ने भारी मतों से जीता चुनाव, सपा कार्यकर्ताओं में जश्न

वाराणसी खंड स्नातक MLC चुनाव में सपा उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा ने भारी जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा समर्थित उम्मीदवार को लगभग 20,000 वोटों के बड़े अंतर से हराया। जीत के बाद आशुतोष सिन्हा ने कहा कि यह स्नातक मतदाताओं और युवाओं की जीत है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उन्हें बधाई दी और कहा कि वाराणसी में यह जीत बड़ा संदेश है। इस हार को प्रधानमंत्री के गढ़ में भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
Varanasi: पीएम के गढ़ में भाजपा को झटका, आशुतोष सिन्हा ने भारी मतों से जीता चुनाव, सपा कार्यकर्ताओं में जश्न

वाराणसी। वाराणसी खंड स्नातक MLC चुनाव में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा ने बड़ी जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को भारी मतों से हराया। इस जीत के साथ ही वाराणसी स्नातक सीट पर एक बार फिर समाजवादी पार्टी का कब्जा हो गया है। चुनाव परिणाम घोषित होते ही समाजवादी पार्टी कार्यालय और आशुतोष सिन्हा के समर्थकों में जश्न का माहौल शुरू हो गया। ढोल-नगाड़ों के साथ कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटी और एक-दूसरे को बधाई दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आशुतोष सिन्हा को कुल 45,000 से अधिक प्रथम वरीयता के वोट मिले, जबकि भाजपा समर्थित उम्मीदवार को लगभग 25,000 वोट ही मिल सके। 



इस तरह आशुतोष सिन्हा ने लगभग 20,000 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। दूसरे राउंड की गिनती के बाद ही उनकी जीत लगभग तय हो गई थी। वाराणसी खंड में वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर और भदोही जिले आते हैं। इन सभी जिलों के स्नातक मतदाताओं ने इस चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस बार मतदान प्रतिशत भी पिछले चुनावों के मुकाबले अधिक रहा। जीत के बाद आशुतोष सिन्हा ने कहा, "यह जीत मेरी नहीं, बल्कि वाराणसी खंड के सभी स्नातक मतदाताओं, युवाओं, शिक्षकों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की जीत है। लोगों ने भाजपा की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ वोट किया है।" 



उन्होंने कहा कि स्नातक युवा बेरोजगारी, पेपर लीक और उच्च शिक्षा की बदहाली से परेशान हैं। उन्होंने वादा किया कि वह विधान परिषद में स्नातकों की आवाज को मजबूती से उठाएंगे और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम करेंगे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी आशुतोष सिन्हा को इस जीत पर बधाई दी। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह जीत भाजपा सरकार की नाकामी का सबूत है और स्नातक युवाओं ने साफ संदेश दिया है कि वे बदलाव चाहते हैं।



अखिलेश यादव ने कहा कि वाराणसी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है और यहीं से भाजपा को हराना बड़ा संदेश देता है। इस सीट को भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की सीट माना जा रहा था। भाजपा ने इस चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी थी। कई मंत्रियों और विधायकों ने भी यहां प्रचार किया था, लेकिन इसके बावजूद भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्नातक मतदाता आमतौर पर पढ़ा-लिखा वर्ग होता है और वह बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों पर ज्यादा सोच-समझकर वोट करता है। इस परिणाम से यह साफ होता है कि युवा वर्ग मौजूदा सरकार से नाराज है।



आशुतोष सिन्हा समाजवादी पार्टी के पुराने और जमीनी नेता माने जाते हैं। वे पहले भी विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं। उनकी छवि एक शिक्षित और संघर्षशील नेता की है। स्नातक और शिक्षक वर्ग में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। इस जीत के बाद अब सभी की नजरें विधान परिषद में उनके काम पर रहेंगी।

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