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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:58 · नई दिल्ली संस्करण

धराली के बाद अब हर्षिल को डरा रही भागीरथी नदी

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

उत्तरकाशी। धराली में आई आपदा के बाद भागीरथी नदी ने अपनी दिशा बदलकर हर्षिल में खतरा बढ़ा दिया है।खीर गंगा का पानी तेज बहाव के साथ हर्षिल के बीच भारी मलबा लेकर आया।

मलबा गिरने से बहाव के रुकने के कारण हर्षिल के पास चार पांच मीटर लंबी कृत्रिम झील बन गई है। जिससे जिला प्रशासन की सांसे आपकी रहीं उसके बाद प्रशासन ने सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, वन विभाग की मदद से मैनली रूप से झील को पंचर करने में सफल रहे जिससे बड़े खतरे को टाल दिया है।

गौरतलब है कि "मिनी स्वीटजरलैंड" कह जानें वाले हर्षिल भी पांच अगस्त को खीरगंगा से आई विनाशकारी बाढ़ से महज 34 सैकड में हंसता खिलता पयर्टक स्थल धराली और हर्षिल को मलवे के ढेर में बदल गया। धराली के बाद धीरे-धीरे भागीरथी नदी हर्षिल को भी डराने लगी है।

गढ़वाल मंडल विकास निगम का हर्षिल परिसर, जो कभी पर्यटकों से गुलजार रहता था, इस भीषण आपदा के बाद भारी नुकसान झेल रहा है। प्रबंधक सुशील डिमरी ने बताया कि आपदा में डीलक्स हट बह गया और नदी किनारे बना ग्लास हाउस भी पूरी तरह से बह गया। दोनों ग्लास हाउस, स्टाफ क्वार्टर और स्टोर जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं और कभी भी गिर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि जीएमवीएन की सभी सीवर लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जबकि एक अन्य हट समान सहित नदी में बह गया। डिमरी के अनुसार, हर्षिल में इस पैमाने का नुकसान पहले कभी नहीं देखा गया और अब यहां पर्यटन गतिविधियों के पुनर्जीवित होने में समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि यात्राकाल में पूरा गेस्ट हाउस की बुकिंग हो रखी है।

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