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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:11 · नई दिल्ली संस्करण

आपदाग्रस्त धराली में पीड़ितों ने नहीं मनाई दीपावाली

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
आपदाग्रस्त धराली में पीड़ितों ने नहीं मनाई दीपावाली

उत्तरकाशी। दीपावली का पर्व एक ओर जहां पूरे देश- प्रदेश में भारी उत्साह के साथ मनाया गया, वहीं उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रभावित धराली में सन्नाटा पसरा रहा। पूरे गांव के लोगों ने दीपावली नहीं मनायी।कभी धराली दीपावली पर्व पर गंगा जी की कल- कल धारा, सघन सेब के बागवानों और देवदार वृक्षों के बीच रात को ऐसी चमकती जैसे मानों आसमान में तारे चमक रहे हैं, लेकिन इस दीपावली के दौरान धराली में सन्नाटा छाया रहा है।दरअसल, 5 अगस्त को खीरगंगा में आये जनसैलाब ने हंसते खेलते धराली को महज 34 सेंकड में तबाह कर दिया। यह लोगों के घर, होमस्टे , बहु मंजिलें होटल व रेस्टोरेंट मिट्टी में मिल गई थे।धराली आपदा में करोड़ के होटल, होम स्टे, घर, बागवान खो चुके लोगों को अब अपना रोजी-रोटी शुरू करने का भैय सता रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल जिन लोगों के घर इस आपदा में पूरी तरह नष्ट हो गए थे, उन्हें पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए सहायता के रूप में ₹5 लाख दिये। इसके अलावा, आपदा में जान गंवाने वालों के परिवारों को भी ₹5 लाख का मुआवज़ा दिया गया है।आपदा पीड़िताें के लिए आर्थिक मदद के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुरूप धराली में 98 परिवारों को राहत राशि के चेक वितरित किए। इस मौके पर आपदा प्रभावितों ने सहायता राशि त्वरित मिलने पर धामी सरकार का धन्यवाद भी दिया था।जिनमें बड़े होटल व्यवसाई संजय पंवार, जयभगवान पंवार, दुग्धेश्वर पंवार, सचेन्द्र पंवार, राकेश पंवार, भूपेंद्र पंवार आदि कहीं लोगों की पूरे जीवन की कमाई और आजीविका के साधन पल भर में नष्ट हुई हो गये। वहीं मृतकों में मुकेश और उनकी धर्मपत्नी व बच्चे सहित धनेन्द्र पंवार, गौरव पंवार (गोली), शुभम पंवार, सुमित नेगी आदि शामिल रहे। जिसको भुलना बहुत मुश्किल है क्योंकि लोगों ने इसे अपने सामने देखा है ऐसी थी ।होटल व्यवसाय संजय पंवार का कहना है कि हमारी दीपावली तो पांच अगस्त को हो गई । उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केदारनाथ की तर्ज पर धराली का पुनर्वास विस्थापित करेंगे।

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