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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:12 · नई दिल्ली संस्करण

पागल कुत्ते के काटने से दो गायों की मौत, दूषित दूध पीने से 17 ग्रामीणों का स्वास्थ्य बिगड़ा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पागल कुत्ते के काटने से दो गायों की मौत, दूषित दूध पीने से 17 ग्रामीणों का स्वास्थ्य बिगड़ा

उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली आरोकट में दिखाई दी जहां के मरीज इलाज के लिए हिमाचल के प्रदेश के रोहडू जाने को मजबूर हैं । जब एक रेबीज टीकाकरण करने के लिए बीमार ग्रामीणों को 40 किलोमीटर दूर देहरादून जनपद के त्यूणी जाना पड़ा है।बता दें कि बीते दिनों आराकोट बंगाण क्षेत्र के ग्राम पंचायत‌पावली के ग्राम डेलून का जो हिमाचल प्रदेश की सीमा क्षेत्र से लगा है। यहां दो गायों को पागल कुत्ते ने काट लिया। ग्रामीण उनका दूध पीते रहे कुछ दिनों बाद दोनों गायों की मौत हो गई और 17 लोग गायों के दूध पीने से बीमार हो गये तब ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।बीमार ग्रामीणों को इलाज के लिए नजदीकी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) आराकोट ले जाया गया, लेकिन वहां कोई डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी तैनात नहीं था। मजबूरी में मरीजों को लगभग 40 किलोमीटर दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र त्यूणी (देहरादून) ले जाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया।भाजपा नेता मनमोहन सिंह चौहान ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी उत्तरकाशी को पत्र लिखकर अवगत कराया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आराकोट में लम्बे समय से डॉक्टर, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय, स्टाफ नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक नहीं है। बिना डॉक्टर एवं अन्य कर्मचारियों के स्वास्थ्य केन्द्र सिर्फ नाम का ही रह गया है।जिस कारण क्षेत्र के मरीजों को उपचार के लिए अन्य जिले देहरादून के त्यूणी एंव प हिमाचल प्रदेश के रोहडू जाना पडता है। इधर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बी एस रावत ने बताया कि ग्रामीणों को पहले मालूम नहीं था कि गायों को पागल कुत्ते ने काटा है। ग्रामीणों ने पहला रेबीज टीकाकरण त्यूणी में करवाया लेकिन दूसरे टीकाकरण के लिए मोरी से टीम भेद दी गई और सभी बीमार ग्रामीणों को टीकाकरण किया गया है।

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