मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:35 · नई दिल्ली संस्करण

उत्तराखंड : परीक्षा गड़बड़ी पर सीएम धामी सख्त, कहा- 'साजिश रचने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई'

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
उत्तराखंड : परीक्षा गड़बड़ी पर सीएम धामी सख्त, कहा- 'साजिश रचने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई'

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को यहां परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि राज्य को अराजकता की ओर धकेलने की साजिश रचने वाले लोग विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं को रोकने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

इसके अलावा, डेमोग्राफिक चेंज रोकने के लिए राशन कार्ड, आधार कार्ड, बिजली कनेक्शन और बसावट में संलिप्त अपात्र लोगों पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिला अधिकारियों को इस बाबत स्पष्ट आदेश जारी कर दिए गए हैं।

परीक्षा गड़बड़ी के मुद्दे पर धामी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "ऐसे लोग जो साजिश के तहत राज्य को अराजकता की ओर धकेलना चाहते हैं, वे विकास कार्यों में विघ्न डाल रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चल रही योजनाएं और राज्य की विकास परियोजनाओं को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। वे फेक नेगेटिविटी फैला रहे हैं और लोगों में भ्रम पैदा कर रहे हैं।

यह बयान हाल के स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले के बाद आया है, जिसमें धामी सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी। हाल ही में जारी जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया, जिसमें करीब 1.05 लाख अभ्यर्थी शामिल थे। छात्रों और राजनीतिक दलों की मांग पर भाजपा विधायकों ने भी सीएम से मुलाकात की थी।

धामी ने कहा कि 2021 से 2025 तक प्रदेश में 25 हजार से अधिक नियुक्तियां बिना नकल के पारदर्शिता के साथ की गई हैं। सरकार परीक्षाओं को पूरी तरह नकलविहीन बनाने के लिए कटिबद्ध है।

पेपर लीक माफिया के खिलाफ एसआईटी जांच चल रही है, जो हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में है। युवाओं की सीबीआई जांच की मांग पर सरकार ने संस्तुति करने का ऐलान किया।

सीएम ने कहा कि युवा त्योहारों के बीच आंदोलन कर रहे हैं, उनकी शंकाओं को दूर करना सरकार का दायित्व है। उन्होंने छात्रों से भावुक अपील की कि वे परीक्षा प्रक्रिया पर भरोसा रखें, क्योंकि राज्य में सरकारी नौकरियों के लिए उनके सपने पूरे होंगे।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें