हिसार में भाखड़ा के पानी को लेकर बवाल, टी-प्वाइंट हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम से ग्रामीणों की झड़प; आंसू गैस के गोले छोड़े

हिसार। हरियाणा के हिसार जिले के चानौत गांव में भाखड़ा नहर के पानी को लेकर पिछले 39 दिनों से चल रहा आंदोलन सोमवार देर रात हिंसक झड़प में बदल गया। प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हांसी शहर को पानी पहुंचाने वाली मुख्य पाइपलाइन पर लगाए गए टी-प्वाइंट को हटाने की कार्रवाई की, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया।
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई, जिसमें एक पुलिस अधिकारी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा।
ग्रामीण गांव के लिए पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांग थी कि भाखड़ा नहर से हांसी शहर को आने वाली मुख्य पाइपलाइन में टी-प्वाइंट कनेक्शन लगाकर गांव तक पानी पहुंचाया जाए। इसी मांग को लेकर गांव में धरना और आमरण अनशन भी जारी था।
सोमवार देर रात उपायुक्त राहुल नरवाल और पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार की मौजूदगी में प्रशासनिक टीम जेसीबी और हाइड्रा क्रेन के साथ मौके पर पहुंची। जैसे ही टी-प्वाइंट हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया और कुछ ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया। विरोध बढ़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और हल्का लाठीचार्ज किया।
सुरक्षा घेरे में प्रशासनिक टीम ने टी-कनेक्शन को पाइपलाइन से अलग कर अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि मुख्य पाइपलाइन में बिना अनुमति के लगाया गया यह कनेक्शन अवैध था और नियमों के खिलाफ था।
टी-प्वाइंट हटाए जाने के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान करने के बजाय प्रशासन ने बल प्रयोग किया। आंदोलनकारियों ने विधायक विनोद भयाना के गांव में प्रवेश और हुक्का-पानी बंद करने के साथ सामूहिक गिरफ्तारी देने की घोषणा की है।
प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। देर रात हुई इस कार्रवाई के बाद हांसी क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।





