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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:37 · नई दिल्ली संस्करण

मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत देश के आठ शहरों में प्रवासन सहायता केंद्रों की हुई शुरुआत

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

रांची: झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाईटी के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत देश के 7 राज्यों में 8 माइग्रेशन सेंटर का उद्घाटन ऑनलाइन माध्यम से श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता और श्रम आयुक्त संजीव कुमार बेसरा ने मंगलवार को रांची के होटल रेडिशन में इसका उद्घाटन किया। माइग्रेशन सेंटर चेन्नई, तिरुपपुर, आंध्रप्रदेश के हैदराबाद, कर्नाटक के बेंगलुरु, महाराष्ट्र के पुणे, गुजरात के अहमदाबाद, राजस्थान के नीमरामा और नई दिल्ली में खोला गया है इस मौके पर मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि राज्य में कई उद्योग खोले जा रहे हैं। जिससे यहां के मजदूरों को काम करने बाहर ना जाना पड़े। फिलहाल श्रमिकों को अगर किसी तरह की परेशानी हुई तो वे इन सेंटर्स पर सरकार से मदद ले सकते हैं। मौके पर संजीव कुमार बेसरा श्रम आयुक्त ने कहा कोरोना के समय में मजदूरों को बहुत कठिनाइयां हुई। उनके लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने कई कदम उठाए. झारखंड सरकार ने प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए एक ओर नया कदम उठाया है। जिसके तहत जब काम को लेकर कई भी विभिन्न जगहों में प्रवास करता है तो वहां किसी प्रकार की समस्या ना हो। इसके लिए इन केंद्रों को खोला गया है। जिसमे एक माह तक रहने और खाने की नि:शुल्क सुविधा दी जाएगी। ये केंद्र काउंसलिंग सेंटर की तरह भी काम करेगा। इसके साथ झारखंड के लोगों के लिए लोकल गर्डियन की भांति रहेगा। श्रम विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने कहा झारखंड में रहते हुए झारखंड से जो लोग बाहर रोजगार के लिए जाते हैं एक सपोर्ट सेंटर डेवलप किया गया है। कभी भी कोई बाहर जाता है। माइग्रेशन सपोर्ट सेंटर की कोशिश आपको दूर प्रदेश में घर जैसा माहौल देने की कोशिश है वहां कॉमन रूम से लेकर एलईडी रूम तक की सुविधा है वहां पुरुष और महिला को अकोमोडेट करने का प्रयास भी किया गया है।

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