यूक्रेन से आए मेडिकल छात्रों को यहां समायोजित करने का कोई प्रावधान नहीं- भारती पवार
नई दिल्ली। यूक्रेन से आए मेडिकल छात्रों को भारत के मेडिकल कॉलेजों में समायोजित नहीं किया जा सकेगा। केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्य सभा में कहा कि युद्ध के कारण यूक्रेन से आए मेडिकल छात्रों को भारतीय मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में समायोजित करने का कोई प्रावधान नहीं है।स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. भारती पवार ने सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम द्वारा उठाए गए संसदीय प्रश्न के जवाब में कहा कि भारतीय मेडिकल कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में युद्ध के कारण यूक्रेन से लौट कर आए मेडिकल छात्रों को समायोजित करने की कोई राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के पास कोई कानूनी प्रावधान नहीं है।पवार ने कहा कि विदेश मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार कीव में भारतीय दूतावास ने छात्रों को आसानी से प्रतिलेख और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए यूक्रेन में सभी संबंधित विश्वविद्यालयों के साथ संचार किया है।विदेश मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक करीब 20 हजार भारतीय छात्र यूक्रेन से लौटे हैं। विदेशी मेडिकल छात्र एवं स्नातक या तो ‘स्क्रीनिंग टेस्ट विनियम, 2002’ या ‘विदेशी चिकित्सा स्नातक लाइसेंस विनियम, 2021’ के तहत आते हैं।





