Delhi University Good News: अब नहीं रुकेगा साल! DU ने बदला प्रमोशन का नियम, कम क्रेडिट वालों को भी राहत

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने हजारों छात्रों के लिए बड़ी राहत भरी खबर दी है। यूनिवर्सिटी ने अंडरग्रेजुएट छात्रों के लिए प्रमोशन और पासिंग के नियमों में एक बार के लिए बड़ी छूट दी है। इस फैसले के बाद अब कम क्रेडिट वाले छात्रों की पढ़ाई नहीं रुकेगी और वे आसानी से अगले सेमेस्टर में प्रमोट हो सकेंगे। दरअसल, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत UGCF-2022 करिकुलम लागू किया है। इसके तहत पहले नियम बनाया गया था कि पहले साल के छात्रों को अगले साल यानी दूसरे साल में जाने के लिए दो सेमेस्टर के कुल 44 क्रेडिट में से कम से कम 28 क्रेडिट लाना जरूरी होगा। यानी करीब 63% क्रेडिट। जो छात्र यह शर्त पूरी नहीं कर पाते, उनका साल खराब होने का डर बना रहता था।
लेकिन अब DU प्रशासन ने इस नियम में ढील दी है। यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examinations) द्वारा जारी नए नोटिफिकेशन के अनुसार, 2025-26 बैच के जिन छात्रों ने अपने कोर्स का एक साल पूरा कर लिया है, उन्हें 28 क्रेडिट की न्यूनतम शर्त से छूट दी जा रही है। अब अगर किसी छात्र ने 44 में से 28 क्रेडिट भी हासिल नहीं किए हैं, तो भी उसे अगले एकेडमिक ईयर यानी तीसरे सेमेस्टर में जाने का मौका मिलेगा। यह राहत सिर्फ एक बार के लिए दी गई है। नोटिफिकेशन में साफ कहा गया है कि यह छूट केवल 2025-26 में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए मान्य होगी। इसके बाद आने वाले बैचों पर फिर से पुराना 28 क्रेडिट वाला नियम लागू होगा। वहीं, 2024-25 बैच के छात्रों के लिए प्रमोशन पॉलिसी पहले की तरह 50% पेपर पास करने के आधार पर ही रहेगी।
DU के इस फैसले के पीछे छात्रों पर बढ़ते एकेडमिक प्रेशर को कम करना माना जा रहा है। NEP के तहत सभी पेपरों में क्रेडिट अलग-अलग होते हैं। पहले 50% पेपर पास करने पर प्रमोशन मिल जाता था, लेकिन नए सिस्टम में 28 क्रेडिट की शर्त के कारण कई छात्र सिर्फ 2-3 पेपर फेल होने पर भी प्रमोशन से वंचित हो रहे थे। हालांकि, इस फैसले के बाद शिक्षकों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स फेडरेशन से जुड़े कुछ शिक्षकों का कहना है कि तीसरे सेमेस्टर शुरू होने के बाद इस तरह नियम बदलने की टाइमिंग पर सवाल उठता है। साथ ही, इस छूट की असल वजह नोटिफिकेशन में स्पष्ट नहीं की गई है।
जिन छात्रों के क्रेडिट 28 से कम हैं, उनका साल बर्बाद नहीं होगा। छात्र बिना रुकावट के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। बैकलॉग वाले पेपर वे अगले सेमेस्टर के साथ क्लियर कर सकते हैं। मेंटल स्ट्रेस और ड्रॉपआउट के मामले कम होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला DU के हजारों छात्रों के लिए संजीवनी साबित होगा। हालांकि, यूनिवर्सिटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि बाकी सभी पासिंग शर्तें पहले की तरह ही लागू रहेंगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट और DU की नोटिफिकेशन पर नजर बनाए रखें।
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