मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:09 · नई दिल्ली संस्करण

करोड़ों के विकास कार्यों में गड़बड़ी, ग्राम प्रधान बसंती देवी पद से हटाई गईं

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
करोड़ों के विकास कार्यों में गड़बड़ी, ग्राम प्रधान बसंती देवी पद से हटाई गईं

हरिद्वार। जनपद हरिद्वार में विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ग्राम पंचायत अकोढ़ा खुर्द, विकासखंड लक्सर में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों में वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के मामले में ग्राम प्रधान बसंती देवी को पद से हटाने के आदेश जारी किए हैं।प्रशासन को ग्राम पंचायत अकोढ़ा खुर्द की कश्यप बस्ती में कराए गए सीसी सड़क निर्माण कार्य में घटिया सामग्री इस्तेमाल किए जाने की शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी की जांच आख्या के आधार पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया।जांच के दौरान ग्राम पंचायत के अभिलेखों, वित्तीय लेन-देन, विकास कार्यों की गुणवत्ता और योजनाओं के क्रियान्वयन का विस्तृत परीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि विभिन्न विकास कार्यों, विशेषकर सीसी सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताएं की गईं। कई निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के विपरीत पाए गए और निर्माण में तकनीकी खामियां भी मिलीं।जांच टीम ने पाया कि कुछ मामलों में एक ही सड़क को अलग-अलग दर्शाकर भुगतान लिया गया। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण अभिलेख जैसे बैंक पासबुक, कैशबुक, स्टॉक रजिस्टर, कार्य पंजिका और वित्तीय वर्ष 2022-23 तथा 2023-24 से जुड़े रिकॉर्ड समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए। इससे अभिलेखों के रखरखाव में गंभीर लापरवाही पता चली। जांच में यह भी सामने आया कि योजनाओं के चयन और अनुमोदन में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।प्रकरण में कुछ निर्माण कार्य निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किए जाने की बात भी सामने आई। जांच रिपोर्ट के अनुसार कई सड़कें निजी भूमि अथवा व्यक्तिगत पहुंच मार्ग के रूप में बनाई गईं, जो पंचायत नियमों के खिलाफ है।जांच में ग्राम प्रधान श्रीमती बसंती देवी को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। प्रशासन के अनुसार उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं था। वहीं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शंकरदीप की भूमिका भी अभिलेखों के रखरखाव और प्रस्तुतिकरण में लापरवाहीपूर्ण पाई गई।मामले में उत्तराखंड पंचायतीराज अधिनियम 2016 की धारा 138(1) के तहत कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान बसंती देवी को पद से हटाने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित धनराशि की वसूली और मामले में संलिप्त अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें