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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:41 · नई दिल्ली संस्करण

उत्तराखंड विधानसभा में गूंजे नंदा देवी राजजात यात्रा, विकास कार्य और वन भूमि हस्तांतरण के मुद्दे

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
उत्तराखंड विधानसभा में गूंजे नंदा देवी राजजात यात्रा, विकास कार्य और वन भूमि हस्तांतरण के मुद्दे

भराड़ीसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में चल रहे विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से आरंभ हुई। सदन में सदस्यों ने वन भूमि सीमांकन, विकास कार्यों में आ रही बाधाओं और नंदा देवी राजजात यात्रा की तैयारियों, वन भूमि हस्तांतरण, सड़कों के निर्माण, पेयजल व्यवस्था और पर्यटन सुविधाओं से संबंधित मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए गए।प्रश्नकाल के दौरान डोईवाला से भाजपा विधायक बृजभूषण गैरोला ने प्रसिद्ध नंदा देवी राजजात यात्रा का विषय उठाया। उन्होंने यात्रा की व्यवस्थाओं, तैयारियों और इससे जुड़े विकास कार्यों के संबंध में सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए यात्रा के सुचारु संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।विधायकों ने यात्रा को भव्य एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए बजट प्रावधान, आधारभूत संरचना विकास और प्रचार-प्रसार की स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी। इस पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने सदन को आश्वस्त किया कि नंदा देवी राजजात यात्रा की तैयारियां प्राथमिकता के आधार पर की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और कई निर्माण कार्य स्वीकृत कर धनराशि आवंटित की जा चुकी है। यात्रा मार्गों के सुधारीकरण, पेयजल व्यवस्था, शौचालय निर्माण, पार्किंग, हेलिपैड, ट्रेक मार्ग विकास वप्रकाश व्यवस्था के कार्य प्रगति पर हैं।सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि यात्रा की तैयारियों के लिए विभिन्न विभागों द्वारा कुल 48 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिन पर लगभग 109.65 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। मार्गों के सुधारीकरण, हेलिपैड निर्माण, पेयजल योजनाओं, पार्किंग व्यवस्था, सोलर लाइट्स, सफाई व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए कार्य प्रगति पर हैं। सिंचाई विभाग की ओर से पिंडर नदी पर योजनाओं के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं, जबकि ग्रामीण निर्माण विभाग की ओर से मल्टी-लेवल पार्किंग सहित अन्य कार्यों के लिए धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। जिला प्रशासन चमोली के स्तर पर यात्रा के सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित संचालन हेतु मुख्य विकास अधिकारी को यात्रा अधिकारी नामित किया गया है। विभिन्न पड़ावों पर अधिकारियों की तैनाती भी की जाएगी।सदस्यों ने यात्रा के प्रचार-प्रसार और ब्रांडिंग पर भी प्रश्न उठाए। उन्होंने पूछा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा के प्रचार के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और स्वीकृत धनराशि में से अब तक कितना व्यय किया गया है। इस पर सरकार ने कहा कि संबंधित विभागों से व्यय का विवरण संकलित कर सदन को उपलब्ध कराया जाएगा।सत्र के दौरान यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व में यह यात्रा 2014 में आयोजित की गई थी और परंपरागत रूप से इसका आयोजन लगभग 12 वर्षों के अंतराल पर होता रहा है।सदन में वन भूमि हस्तांतरण और परियोजनाओं की स्वीकृति में हो रही देरी का मुद्दा भी उठा। सदस्यों ने कहा कि सड़क, पाइपलाइन और विद्युत परियोजनाओं के लंबित रहने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि केंद्र सरकार के प्रावधानों के अनुरूप भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया संचालित की जा रही है और लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।इसके अतिरिक्त पर्यटन स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं की कमी, सोलर फेंसिंग, वन्यजीवों की रोकथाम, जल जीवन मिशन के कार्यों व संयुक्त सर्वेक्षण में देरी जैसे विषयों पर भी प्रश्न पूछे गए। सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा।प्रश्नकाल के दौरान कई पूरक प्रश्न भी उठे, जिन पर अध्यक्ष ने समय-समय पर सदस्यों को संयमित ढंग से अपनी बात रखने का निर्देश दिया। महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े विषय होने के कारण विस्तृत उत्तर दिए गए।सत्र की कार्यवाही के अंतर्गत आज आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट तथा कैग की रिपोर्ट सदन पटल पर रखी जाएंगी। इसके साथ ही कुछ अध्यादेश भी सदन के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।

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