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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:46 · नई दिल्ली संस्करण

677.75 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी, 2.5 लाख ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
677.75 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी, 2.5 लाख ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में ग्रामीण वेग वृद्धि परियोजना (रीप) की उच्चाधिकार एवं मार्गदर्शन समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 677.75 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट को मंजूरी दे दी गई।मंगलवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में सचिव डीएस गब्रियल ने वर्ष 2025-26 की प्रगति एवं अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए आगामी वित्तीय वर्ष की प्रस्तावित कार्ययोजना का विस्तृत विवरण रखा। स्वीकृत कार्ययोजना में स्वरोजगार, आजीविका संवर्धन, आय सृजन गतिविधियों, स्थानीय संसाधन विकास, कृषि तथा सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। समिति ने संबंधित कार्यक्रमों को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।मुख्य सचिव ने निर्देश देते हुए कहा कि परियोजना से लाभान्वित महिलाओं को केंद्र एवं राज्य सरकार की अन्य योजनाओं से जोड़ा जाए और योजनाओं के बीच प्रभावी कन्वर्जेंस सुनिश्चित किया जाए। लाभार्थियों के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समेकित कार्ययोजना तैयार करने और ठोस मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने पर बल दिया गया।मुख्य सचिव ने समान प्रकृति के महिला स्वयं सहायता समूहों की पहचान कर उन्हें स्वरोजगार एवं आय सृजन के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की रणनीति तैयार करने के निर्देश भी दिए। वर्ष 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के रूप में ध्यान में रखते हुए महिलाओं को वित्तीय, तकनीकी, पूंजीगत एवं संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने की विस्तृत योजना बनाने को कहा गया।ग्रामीण क्षेत्रों में अनुपयोगी पड़े ग्रोथ सेंटरों को सक्रिय करने पर भी बैठक में चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने ऐसे ग्रोथ सेंटरों की पहचान कर उन्हें ‘हाउस ऑफ हिमालय’ के माध्यम से प्रभावी उपयोग में लाने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।उल्लेखनीय है कि ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना (ग्रामोत्थान) राज्य के सभी जनपदों में ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुदृढ़ करने और पलायन रोकने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। परियोजना के तहत कृषि, गैर-कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े लघु उद्यमों को वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।बैठक में अपर सचिव गिरधारी सिंह रावत, नवनीत पांडेय, झरना कमठान सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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