आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही आदिवासी हुए शांत
पाकुड़। महेशपुर थाना के फरार नामजद आरोपी शहरग्राम गाँव के दिनेश साहा की गिरफ्तारी के साथ ही इलाके के आदिवासी शांत हो। साथ ही पुलिस ने भी राहत की साँस ली है।यह जानकारी एसपी मणिलाल मंडल ने मंगलवार को दी।उल्लेखनीय है कि गत 20 अगस्त की शाम थाना क्षेत्र के धावाडंगाल गाँव के दो युवक टीका सोरेन व विश्वनाथ सोरेन फुटबॉल मैच देखकर घर लौट रहे थे।इतने में शहरग्राम गाँव पहुँचते ही जोरदार बारिश शुरू हो गई।दोनों बारिश से बचने के लिए शहरग्राम के दिनेश साहा के बरामदे में बैठ गए।कुछ देर बाद दिनेश अपने घर से निकला और उन दोनों को वहाँ से चले जाने को कहा।चूँकि बारिश थमी नहीं थी इसलिए दोनों ने बारिश थमने तक जाने से मना कर दिया। इससे नाराज दिनेश ने जाति सूचक गाली देते हुए दोनों की डंडे से पिटाई कर दी।दोनों मार खाकर अपने गाँव पहुँचे और लोगों को घटना की जानकारी दी।दूसरी सुबह धावाडंगाल के अलावा आसपास के गाँवों के भी आदिवासियों ने जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएँ भी थीं ने शहरग्राम गाँव पहुँचे और दिनेश के घर को घेर लिया।साथ ही उन्होंने दिनेश को सामने लाने की मांग के साथ शहरग्राम चौक की दुकानों को जबरन बंद करा दिया और रोड जाम कर दिया।इस दौरान दोनों पक्षों में झड़पें भी हुईं।जिसमें तकरीबन आधा दर्जन लोगों को चोटें भी आईं। सूचना मिलते ही महेशपुर थाना प्रभारी अंचलाधिकारी के साथ सदल बल मौके पर पहुँचे। आरोपी को गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाते हुए जाम हटाने को कहा। लेकिन आदिवासियों ने उनकी एक न सुनी।तब तक महेशपुर एसडीपीओ शशिप्रकाश भी पहुँचे।वे आरोपी को सामने लाने की मांग पर अड़े रहे।आखिरकार इलाके के प्रभावी आदिवासी नेताओं के हस्तक्षेप के बाद 22 अगस्त को अगले 48 घंटे के अंदर आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की शर्त पर उग्र आदिवासियों ने जाम हटाया।लेकिन तनाव बरकरार रहा।आखिरकार मंगलवार को फरार आरोपी दिनेश साहा की गिरफ्तारी के बाद आदिवासी शांत हुए।पुलिस ने मंगलवार को उसे जेल भेज दिया।





