फर्जीवाड़ा करने वाले तीन अभियुक्तों को तीन-तीन साल की सजा
फर्जीवाड़ा करने वाले तीन अभियुक्तों को तीन-तीन साल की सजारांची, 27 फरवरी । सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत ने सोमवार को बैंक लोन फर्जीवाड़े मामले में तीन दोषी करार अभियुक्तों को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनायी है। इनमें झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक रांची की कांके शाखा के तत्कालीन कैशियर सह क्लर्क इंदू भूषण सिंह, ऋषि रंजन उर्फ विक्की और मिथिलेश कुमार सिंह शामिल है।मामला दर्ज होने के 17 साल बाद इनको सजा मिली है। अदालत ने इंदू भूषण सिंह पर दो लाख 10 हजार एवं अन्य दो पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले के दो आरोपित तत्कालीन बैंक प्रबंधक सखुवा उरांव और रंजन कुमार सिंह की मौत हो गई है। वहीं मामले का एक आरोपी फरार चल रहा है। घटना को लेकर 18 अगस्त 2006 को झारखंड ग्रामीण विकास बैंक के तत्कालीन चेयरमैन अविनाश सिंह की शिकायत पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी।अभियुक्तों पर फर्जीवाड़ा करके 119 किसान क्रेडिट कार्ड एवं अन्य माध्यम से 35 लाख 50 हजार 450 रुपये का ऋण उठाने का आरोप था।





