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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:20 · नई दिल्ली संस्करण

'न्याय प्रणाली में वकीलों की भूमिका भी उतनी ही अहम', बोले सीजेआई सूर्यकांत

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
'न्याय प्रणाली में वकीलों की भूमिका भी उतनी ही अहम', बोले सीजेआई सूर्यकांत

-मुख्य न्यायाधीश ने चंडीगढ़ अदालत में किया पार्किंग का उद्घाटन

चंडीगढ़,। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा है कि जस्टिस डिलीवरी सिस्टम (न्याय प्रणाली) में सिर्फ जज ही महत्वपूर्ण नहीं हैं बल्कि वकील भी अहम हिस्सा हैं। वकीलों के न्याय दिलाने में अहम भूमिका को देखते हुए उन्हें बेसिक सुविधाएं देना बहुत अहम हो जाता है। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि एक नैरेटिव बना हुआ है कि देश में केसों की बहुत पेंडेंसी है। इसे तोड़ने के लिए हमें इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाना होगा ताकि नए ज्यूडिशियल अफसर भर्ती किए जा सकें।

सीजेआई शनिवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत परिसर में करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से तैयार मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन किया। इससे आने वाले वकीलों और आम लोगों को पार्किंग की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।

करीब साढ़े चार एकड़ भूमि में बनी यह मल्टीलेवल पार्किंग बेसमेंट सहित चार मंजिला है। इसमें एक समय में लगभग 1,500 वाहनों को खड़ा करने की सुविधा उपलब्ध होगी। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हाईकोर्ट में भी पार्किंग की दिक्कत है। मैं प्रशासक कटारिया से अपील करूंगा कि वह इसके बारे में भी सोचें कि कैसे हाईकोर्ट का विस्तार किया जाए।

वकीलों और लोगों को पार्किंग की सुविधा दी जाए। उन्होंने कहा कि हिसार भले ही मेरी जन्मभूमि है लेकिन चंडीगढ़ मेरी कर्मभूमि रही है। मेरा संघर्ष का जीवन इसी शहर, इन्हीं गलियों और इन्हीं हवाओं में व्यतीत हुआ है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होना औपचारिक कर्तव्य ही नहीं है बल्कि मेरे लिए पर्सनल मोमेंट है। दिल से जुड़ी बात है। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर किसी भी शहर की रीढ़ की हड्डी है। बुनियादी सुविधाएं न हों तो वह शहर आगे नहीं बढ़ सकता।

इस अवसर पर बोलते हुए चंडीगढ़ के प्रशासक व पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि जस्टिस सूर्यकांत ने एडवोकेट के नाते इतनी लंबी यात्रा की है। 2004 में इसी हाईकोर्ट के जज बने। इसके बाद हिमाचल के चीफ जस्टिस बने। उसके बाद 2022 में सुप्रीम कोर्ट के जज बने। आज हमारा सौभाग्य है कि हमारी ही धरती का एक व्यक्ति देश के सबसे बड़े पद पर बैठे हुए हैं। इसके साथ ही कोर्ट परिसर के विस्तार में आने वाली दिक्कतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हेरिटेज (धरोहर नियम) हमारे लिए इतनी बड़ी आफत है कि कोर्ट के अंदर एक बरामदा भी बनाना हो तो ऊपर से नीचे चक्कर काटकर हमें यह बनवाना पड़ता है।

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा ने कहा कि मल्टीलेवल पार्किंग का पूरा श्रेय जस्टिस सूर्यकांत को जाता है क्योंकि जब वह बिल्डिंग कमेटी के चेयरमैन थे तो उन्होंने ही इसकी पूरी योजना बनाई।

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