आरक्षी के साथ मारपीट मामले की निष्पक्ष कराने की प्रक्रिया शुरू
गढ़वा। आरक्षी रमेश उरांव के साथ सदर थाना गढ़वा में हुई मारपीट के मामले में पुलिस अधीक्षक गढ़वा श्रीकांत एस राव खोतरे ने निष्पक्ष जांच कराने की प्रक्रिया शुरू करते हुए एक्शन ले लिया है। एसपी ने आरोपी गढ़वा सदर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक लक्ष्मीकांत एवं परिचारी पुलिस अवर निरीक्षक स्वामी रंजन ओझा को लाइन हाजिर कर दिया है। उक्त कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री खोतरे ने पलामू उपमहानिरीक्षक के दूरभाष से मिले अनुमोदन के आधार पर किया है। विदित हो कि कल सदर थाना गढ़वा में पदस्थापित सिपाही रमेश उरांव के साथ लाइन हाजिर किए गए तत्कालीन गढ़वा के थाना प्रभारी लक्ष्मीकांत एवं प्रचारी पुलिस अवर निरीक्षक स्वामी रंजन ओझा के द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप था। इसे लेकर कल पुलिस मेंस एसोसिएशन आंदोलित था इस मामले में पुलिस अधीक्षक गढ़वा ने कल देर शाम धरना पर बैठे पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि कुशवाहा से दोनों पक्षों के दोषी के विरुद्ध जांचोपरांत कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इस आश्वासन के आलोक में एसपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उक्त दोनों पुलिस पदाधिकारियों को सदर थाना से निष्पक्ष जांच के लिए लाइन हाजिर कर दिया है। कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए कोविड-19 जांच के काम में तेजी लाने की कोशिश की जा रही है। इस क्रम में आज पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग और सिमडेगा समेत कई जिलों में वृहद पैमाने पर निःशुल्क कोरोना जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की ओर से 11 स्थानों पर विशेष जांच शिविर लगाया है, जहां बड़ी संख्या लोग अपनी जांच करा रहे है। इधर, सिमडेगा जिला प्रशासन ने भी बढ़ते कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न प्रखंडों में कोरोना जांच शिविर का आयोजन कर लगभग 5000 लोगों के सैंपल लेने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हजारीबाग जिले में भी रैपिड एंटीजन टेस्ट का दूसरा शिविर आयोजित किया जा रहा है, इसके तहत जिला और प्रखंड स्तर पर लोगों की निःशुल्क कोरोना जांच करायी जारही है। सभी लोगों का रैपिड एंटीजन टेस्ट होगा, जिससे कम समय में ही उनके कोरोना संक्रमित होने या ना होने के बारे में जानकारी मिल जाएगी।





