गन्नौर अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी संचालन को मिलेगी गति: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिए स्पष्ट निर्देश

गन्नौर अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी संचालन को मिलेगी गति: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिए स्पष्ट निर्देश
नई दिल्ली, 26 जुलाई 2025 — हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गन्नौर (जिला सोनीपत) में विकसित की जा रही अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी के संचालन में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि यह राज्य की एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण और प्रतिष्ठित परियोजना है, जिसका समयबद्ध क्रियान्वयन सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि मंडी के संचालन में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी बाधा नहीं आनी चाहिए।
544 एकड़ भूमि पर विकसित हो रही इस आधुनिक मंडी का निर्माण लगभग 2,595 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जा रहा है। इस परियोजना की टेंडर प्रक्रिया को तकनीकी समिति से स्वीकृति मिल चुकी है और व्यापार संचालन योजना के तहत पात्र निवेशकों का चयन किया जा रहा है। पात्रता के लिए निवेशकों को बागवानी क्षेत्र में न्यूनतम 100 एकड़ भूमि पर कार्य का अनुभव और 100 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक कारोबार होना अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री सैनी ने इस परियोजना की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समय-समय पर इसकी प्रगति की जानकारी लेते रहे हैं। उन्होंने यह भी आशा जताई कि प्रधानमंत्री के कर कमलों से ही इस अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी का उद्घाटन कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मंडी संचालन की प्रक्रिया को तेज़ी से मूर्त रूप देने के लिए एक विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं, जो राज्य सरकार, केंद्र सरकार और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना से जुड़े कंसल्टेंट यह सुनिश्चित करें कि मंडी की सुविधाओं और संभावनाओं की जानकारी न केवल हरियाणा बल्कि अन्य राज्यों और देशों तक भी पहुंचे।
गन्नौर में बन रही इस मंडी को दिल्ली की आजादपुर मंडी के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह मंडी हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के सेब उत्पादकों सहित देशभर के बागवानी किसानों के लिए बड़ा अवसर प्रदान करेगी। यहाँ मजबूत सड़क नेटवर्क और उन्नत भौगोलिक स्थिति के कारण फलों और सब्जियों का तेज़ एवं सुरक्षित परिवहन संभव होगा।
मंडी परिसर में 350 एकड़ भूमि पर 17 अत्याधुनिक शेड बनाए जाएंगे और वर्टिकल मार्केटिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही, 5,500 ट्रकों और लगभग 15,000 कारों के लिए पार्किंग की सुविधा प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि इस परियोजना को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए केंद्र सरकार के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) से भी परामर्श लिया जाए।
बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल, HSIHM के प्रबंध निदेशक मुकुल कुमार, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक मुकेश कुमार आहुजा और कृषि महानिदेशक राजनारायण कौशिक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यह परियोजना हरियाणा को एक अंतरराष्ट्रीय बागवानी व्यापार केंद्र के रूप में स्थापित करेगी, किसानों की आय बढ़ाने, निर्यात को प्रोत्साहन देने और आधुनिक कृषि विपणन प्रणाली को बल देने की दिशा में भी एक ऐतिहासिक पहल होगी।





