विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने की कुंजी युवाओं के पास: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने की कुंजी युवाओं के पास: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
कुरुक्षेत्र, 25 जुलाई — हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत युवाओं का देश है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के विजन को साकार करने की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी देश की युवा पीढ़ी पर है। उन्होंने इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं की ऊर्जा, संकल्प और प्रतिभा पर पूर्ण विश्वास जताया। मुख्यमंत्री श्री सैनी कुरुक्षेत्र में आयोजित ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत अंतर-राज्यीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम-2025’ के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा के युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता मंत्री श्री गौरव गौतम सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम ने 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 600 युवा प्रतिनिधियों को देश की विविध संस्कृतियों को समझने, आपसी संवाद और एकता को सुदृढ़ करने का बेहतरीन अवसर प्रदान किया। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे इस अनुभव को अपने समुदायों के साथ साझा करें और 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को जन-जन तक पहुँचाएं।
मुख्यमंत्री सैनी ने युवाओं के लिए पांच सफलता मंत्र भी साझा किए—स्वस्थ जीवनशैली, ज्ञान एवं कौशल आधारित शिक्षा, नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता, मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और तकनीक का रचनात्मक उपयोग। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझी ज़िम्मेदारी है।
युवाओं के कौशल विकास, शिक्षा और रोजगार को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले साढ़े दस वर्षों में हरियाणा में 1.80 लाख युवाओं को योग्यता के आधार पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरियाँ मिली हैं। वहीं, 2,000 से अधिक रोजगार मेलों के माध्यम से निजी क्षेत्र में 1.06 लाख से अधिक युवाओं को नौकरियाँ दिलाई गई हैं। युवाओं के लिए एक समर्पित एमएसएमई विभाग और विदेश सहयोग विभाग की स्थापना कर उन्हें वैश्विक अवसरों से भी जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हरियाणा कौशल विकास मिशन के तहत अब तक 1.14 लाख से अधिक युवाओं को परंपरागत और आधुनिक दोनों क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। राज्य सरकार ने युवाओं के लिए ‘सक्षम युवा योजना’, ‘ड्रोन दीदी योजना’, ‘हरिहर योजना’, ‘आईटी सक्षम युवा’ जैसे कई नवाचारी कार्यक्रम भी शुरू किए हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को तेजी से लागू करते हुए स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक कौशल-आधारित शिक्षा को एकीकृत किया है। हरियाणा के पलवल जिले के दुधोला गांव में देश का पहला कौशल विश्वविद्यालय — ‘श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय’ — स्थापित किया गया है।
इस अवसर पर मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा के युवा वैश्विक परिवर्तन की रफ्तार से कदमताल कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को युवाओं का सच्चा मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से हरियाणा शिक्षा, रोजगार, कृषि, खेल और अवसंरचना जैसे सभी क्षेत्रों में अग्रणी बना है। उन्होंने युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम को “लघु भारत” बताते हुए कहा कि यह मंच देश के विभिन्न कोनों के युवाओं को जोड़ने और राष्ट्र की एकता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
समारोह में पूर्व मंत्री सुभाष सुधा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा, विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन, सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमच, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू, लेफ्टिनेंट जनरल जे.एस. नैन सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।





