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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:54 · नई दिल्ली संस्करण

खुल गए पंडालों के पट, महामारी से एहतियातों के बीच मैया ने दिए दर्शन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

अधिकतर जगहों पर लगी हैं छोटी प्रतिमाएं, सोशल डस्टिेंस पर रखा जा रहा ख्याल

संवाददाता

बोकारो : कोरोना महामारी के दौर में आस्था आखिरकार भारी रही। चास-बोकारो समेत पूरे जिले में नवरात्रि की धूम मची है। शुक्रवार को सप्तमी तिथि को शहर के सभी पूजा पंडालों के पट खुल गए और इसके साथ ही मां दुर्गा के दर्शन को श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। लेकिन, इस बार पूजा पंडालों में ऐसी व्यवस्था की गई है कि भीड़ इकट्ठी न हो। सोशल डस्टिेंस का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। शहर के सेक्टर-3 स्थित चक्की मोड़, बंग भारती, कालीबाड़ी, सेक्टर-2, सेक्टर- 12, 9, सेक्टर- 2डी स्थित श्यामा माई मंदिर सहित सभी जगहों पर भक्त जुटने लगे और माहौल भक्तिमय बन गया। इसके पूर्व गुरुवार रात शहर के चार पूजा पंडालों में षष्ठी के दिन माता दुर्गा की प्रतिमा के पट पूरे विधि-विधान के साथ खुले। एचएससीएल दुर्गा पूजा समिति, बंग भारती, सिटी सेंटर और चक्की मोड़ में पूरे विधि-विधान से माता के पट खुले। इन जगहों पर बांग्ला पद्धति से पूजा होती है। सभी पंडालों में प्रशासन के नर्दिेशानुसार सोशल डस्टिेंसिंग के साथ लोग पूजा-अर्चना करते दिखे। ज्यादातर जगहों पर छोटी प्रतिमाएं लगाई गई हैं। सरकारी गाइडलाइन के अनुसार एक बार में पंडाल में अधिकतम 15 लोगों के प्रवेश की ही इजाजत दी गई है। बता दें कि शहर की सबसे पुरानी पूजा बंग भारती में बांग्ला विधि-विधान से होती चली आ रही है। यहां वर्ष 1967 से माता दुर्गा की पूजा-आराधना हो रही है। ढोल, ढाक, शंख ध्वनि और सिंदूर खेला के साथ माता की पूजा होती रही है। बीते 50 साल से यहां बांकुड़ा के पंडित सनातन गांगुली की ओर से पूजा संपन्न करवाई जाती थी। विगत 3 साल से बांकुड़ा सोनामुखी निवासी पंडित सपन बनर्जी की ओर से पूजा करवाई जा रही है। बंग भारती में सोमवार को विजया दशमी का उत्सव होगा। उसी दिन प्रतिमा का विसर्जन भी किया जाएगा।

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