मासिक धर्म स्त्री के लिए गौरव का प्रतीक : अलका जैन
हज़ारीबाग राष्ट्रीयसागर न्यूज़ : मासिक धर्म में बच्चों के शरीर में होने वाले बदलाव की पूरी जानकारी से बच्चियां मानसिक रूप से मजबूत होती है । मासिकधर्म स्त्री के लिए गौरव का प्रतीक है। जैन महिला मंडल डालटनगंज द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय स्मार्ट गर्ल कार्यशाला में आज बेटियों को मासिक धर्म और स्वच्छता के संबंध में प्रशिक्षित किया गया और अन्य प्रकार की भ्रांतियों को दूर किया गया। कोडरमा से सरला जैन , हज़ारीबाग़ से मीना जैन ने बच्चों को स्मार्ट बनाने के लिए बहुत सारी जानकारियां दी और कार्यशाला के लिए तैयार किया । डालटनगंज से रीता जैन ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया । कार्यशाला की प्रशिक्षिका रितु जैन ने बेटियों को एक वीडियो के माध्यम से बताया कि मासिक धर्म क्या है और यह किस प्रकार आपके नारीत्व की यात्रा को पूर्ण करता है , इस दौरान आपको कैसा महसूस करना नॉर्मल है , शरीर में कैसे बदलाव आने नॉर्मल है, क्या हमें इसके कारण शर्म आना चाहिए या घबराना चाहिए। ऋतु जी ने बेटियों के अंदर गर्व की भावना को जगाते हुए कहा कि यह सृजन की एक प्रक्रिया है जिसकी क्षमता प्रकृति ने सिर्फ और सिर्फ आपको दिया है । मासिक धर्म से संबंधित स्वच्छता पर उन्होंने बेटियों को समझाया कि किस प्रकार पुराने तरीकों को छोड़कर पैड इस्तेमाल करने चाहिए और पैड को किस प्रकार सही तरीके से बिना किसी संकोच के डिस्पोज़ करना चाहिए ।अंजलि , प्रियंका , प्रिया ने प्रश्न किया कि उन्हें मासिक धर्म के दौरान किचन में नहीं जाने दिया जाता , बाहर नहीं जाने दिया जाता , खेलने कूदने नहीं दिया जाता , इससे वे अपने आप में अजीब डिप्रेस्ड और घबराहट महसूस करती हैं । प्रशिक्षिका ने उन्हें बताया कि यह चीजें परिवार में कई पुरखों से चली आ रही है , यह धीरे-धीरे कम होता जा रहा है लेकिन यह एक साथ नहीं हट सकता है । इस विषय पर आपको लगातार अपने परिवार से वार्ता करते हुए अपनी मन की बातों को उन्हें समझाना है लेकिन ऐसा करते समय अपने परिवार के बड़ों को ठेस नहीं पहुंचाना है और अपने रिश्तो को खराब नहीं करना है । इस वर्चुअल कार्यशाला में कई बेटियों ने अपने अनेक शंकाओं का समाधान किया और अपने अस्तित्व के महत्व को समझा। बेटियों ने कहा कि वह आज से अपनी कमजोरी ,अपनी लाचारी , अपनी बेबसी , आदि नकारात्मक चीजों पर ध्यान केंद्रित ना करके अपनी क्षमताओं और विशेषताओं पर ध्यान केंद्रित करेगी ।
कार्यशाला में नैंसी,अर्पिता ,भावना ,सुहानी, श्रेया , सुहाना, खुशी , राशि , लब्धि , ट्विंकल, साक्षी , परिणा ने अपनी शंकाओं का समाधान किया ।कार्यशाला के अंत में प्रीती पाटनी ने रितु जी को धन्यवाद दिया और बेटियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।





