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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:41 · नई दिल्ली संस्करण

सुनील जाखड़ ने पंजाब डीजीपी को लिखा पत्र, वायरल वीडियो की फोरेंसिक जांच की मांग

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सुनील जाखड़ ने पंजाब डीजीपी को लिखा पत्र, वायरल वीडियो की फोरेंसिक जांच की मांग

चंडीगढ़/पंजाब। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को एक पत्र लिखकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो की तत्काल फोरेंसिक जांच और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

इस वीडियो में कथित तौर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को आपत्तिजनक व्यवहार करते हुए और श्री गुरु नानक देव जी की पवित्र छवि का अपमान करते हुए दिखाया गया है।

सुनील जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पत्र शेयर किया है। पत्र में कहा गया है कि यह वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल रहा है, जिससे सिख समुदाय सहित आम लोगों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।

उन्होंने कहा कि वीडियो के कारण समाज में रोष बढ़ रहा है, आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंच रहा है और देश-विदेश में पंजाब व पंजाबियों की छवि भी प्रभावित हो रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने लिखा कि यह विश्वास करना कठिन है कि कोई समझदार व्यक्ति, विशेषकर मुख्यमंत्री जैसे उच्च संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति, ऐसा आचरण कर सकता है। इसी कारण उन्होंने इस वीडियो की सत्यता और प्रामाणिकता का वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से जल्द से जल्द पता लगाए जाने की मांग की है।

उन्होंने सुझाव दिया कि इस मामले की जांच चंडीगढ़ की फोरेंसिक टीम से करवाई जाए, जैसा कि पहले एसएसपी पटियाला के ऑडियो टेप मामले में किया गया था।

जाखड़ ने यह भी कहा कि पंजाब पुलिस के पास डिजिटल कंटेंट की साइंटिफिक और तेज जांच के लिए पर्याप्त फोरेंसिक और साइबर विशेषज्ञता मौजूद है। यदि फोरेंसिक जांच में वीडियो असली पाया जाता है, तो यह एक गंभीर मामला होगा और सिख धर्म का अपमान माना जाएगा, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।

वहीं, यदि वीडियो फर्जी या मनगढ़ंत साबित होता है, तो इसे बनाने और फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि भाजपा पंजाब के कोर ग्रुप ने 16 जनवरी 2026 को गवर्नेंस और जनहित से जुड़े कई मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री आवास के घेराव का निर्णय लिया है, जिसमें यह मुद्दा भी शामिल है। जाखड़ ने अंत में मांग की कि न्याय, सांप्रदायिक सद्भाव और कानून के राज को बनाए रखने के लिए सच्चाई को शीघ्र सार्वजनिक किया जाए और कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाए।

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