मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:40 · नई दिल्ली संस्करण

राज्य सरकार 139 एकड़ रैयती भूमि का अधिग्रहण करके सीयूजे को देगी : मुख्यमंत्री

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

रांची। मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने कहा कि झारखंड के एकमात्र केन्द्रीय विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में आप सभी के मध्य उपस्थित होना मेरे लिए विशेष गौरव का क्षण है। सर्वप्रथम मैं पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक समाप्त कर उपाधि पा रहे कुल 800 स्नातकों, परास्नातकों और शोधार्थियों को बधाई देता हूं। साथ ही चांसलर मेडल, गोल्ड मेडल और पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर रहे शिक्षार्थियों को विशेष बधाई देता हूं।

मुख्यमंत्री बुधवार को झारखंड सेंट्रल यूनिवर्सिटी, चेरी, मनातू स्थित ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 के तहत 01 मार्च, 2009 को अस्तित्व में आया झारखंड का एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंडवासियों के लिए गौरव की बात है। मुझे यह ज्ञात है कि विश्वविद्यालय वर्तमान में दो परिसरों में परिचालित हो रहा है। अस्थायी परिसर ब्राम्बे, रांची और स्थायी परिसर चेरी-मनातू गांव में स्थित है।

चम्पाई ने कहा कि स्थायी परिसर के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रथम चरण में 319 एकड़ गैरमजरुआ भूमि हस्तांतरित की गयी थी। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार ने 139 एकड़ रैयती भूमि का अधिग्रहण करके केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड को देने का निर्णय लिया है। इसमें से 15 एकड़ के अधिग्रहण के लिए लगभग 100 करोड़ की राशि का आवंटन किया जा चुका है। मुझे बताया गया है कि कुछ भूमि के अधिग्रहण में कतिपय समस्याएं हो रही हैं, इन्हें राज्य सरकार के द्वारा शीघ्र ही दूर कर लिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में विद्युत आपूर्ति की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में विद्युत सब-स्टेशन का निर्माण किया जा चुका है। इस परिसर के लिए जलापूर्ति की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने का कार्य भी राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। स्थायी परिसर में शैक्षणिक भवन एवं अन्य आंतरिक सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। झारखंड सरकार स्थायी परिसर के निर्माणाधीन विकास कार्य में अपनी भूमिका निभाने के लिए कृतसंकल्प एवं समर्पित है। राज्य सरकार विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में अपनी अहम भूमिका निभाएगा इसके लिए मैं आपको आश्वस्त करता हूं।

चम्पाई ने कहा कि यह दीक्षांत समारोह आपके शैक्षिक विकास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। आपके द्वारा अर्जित की गयी शिक्षा के उपरांत प्राप्त होने वाली यह उपाधि आपके कठोर परिश्रम और गहन समर्पण का परिणाम है। आप सबके लिए यह अवसर जितना महत्वपूर्ण है उतना ही आपके शिक्षकों, मार्गदर्शकों और अभिभावकों के लिए भी यह गौरव का क्षण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू की जा चुकी है तथा राज्य के सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम अपनाया गया है। बहु-विषयक एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न आयामों यथा मल्टीपल एंट्री-मल्टीपल एग्जिट, अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट आदि का अनुपालन सुनिश्चित किया गया है। राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में नामांकन सीयूईटी के माध्यम से लिया जाने लगा है। राज्य में उच्च स्तरीय शोध कार्य के लिए बुनियादी संरचना विकसित करने, नवाचार और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने तथा शिक्षकों छात्रों की गुणवत्ता में उत्तरोत्तर वृद्धि के लिए कई योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

चम्पाई ने कहा कि आज जब आप उपाधि प्राप्त कर रहे हैं तो मैं आपसे यह अपेक्षा रखता हूं कि आप अपने लिए योग्य लक्ष्य निर्धारित करें और इसको साकार करने के लिए अपने ज्ञान और समर्पित परिश्रम का उपयोग करें। समाज को आपसे बहुत आशा, आकांक्षा और उम्मीदें है। आपके द्वारा प्राप्त की गई शिक्षा से झारखंड की भूमि लाभान्वित होगी।

इस अवसर पर राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, केंद्रीय राज्य शिक्षा मंत्री अन्नपूर्णा देवी, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति जेपी लाल, विश्वविद्यालय के कुलपति क्षितिज भूषण दास सहित अन्य उपस्थित थे।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें