यमुनानगर में गौवंश की हत्या भड़के संगठन, आरोपियों की गिरफ्तारीकी मांग
यमुनानगर, । कपालमोचन के नजदीक पाबनी रोड पर स्थित जर्जर बंद पड़े
मकान में 12 गौवंश की मृत्यु को लेकर शुक्रवार को सामाजिक संगठनों ने सही
जांच और हत्यारोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जिला उपायुक्त को ज्ञापन
सौंपा। इस मौके पर पर्यावरण मित्र फाउन्डेशन के अध्यक्ष चिराग सिंघल ने कहा
कि इस तरह से जर्जर पड़े बंद मकान में 12 गौवंश की मृत्यु कई संदेह पैदा
करती है। उन्हें किसने यहां पर बंद किया होगा। उन्होंने कहा कि इसके पीछे
कहीं गौ तस्करों या हत्यारों की कोई मंशा रही हो, यह जांच का विषय है।
उन्होंने
प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि इसकी निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को
गिरफ्तार करके सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि चार दिन पहले
कपालमोचन में विचरण करने वालें एक दर्जन बेसहारा गौवंश को अज्ञात द्वारा
ऋणमोचन सरोवर के एक गन्ना क्रय सेंटर के नजदीक जर्जर पड़े मकान में बंद कर
दिया गया। तीन दिन भूख, प्यास और गर्मी के चलते इन गौवंशों ने दम तोड़ दिया
था।
बंद पड़े जब इस मकान में से बदबू आने लगी तो लोगों ने इसकी
जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस, पशु विभाग के अधिकारी,
कर्मचारी और गौ रक्षक संगठन के सदस्य मौके पर पहुंचे और जेसीबी की मदद से
मकान की दीवारों को तोड़कर गौवशों को बाहर निकाला और पास में ही गड्ढों में
दबा दिया गया।
बिलासपुर पुलिस थाना प्रभारी राय सिंह ने बताया कि
इस मामले में गौ रक्षक संगठन की ओर से शिकायत मिलने पर आज केस दर्ज कर लिया
गया है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया में गौवंश के शरीर पर कोई चोट
या मारने के निशान नहीं मिले थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।





