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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:29 · नई दिल्ली संस्करण

मुख्यमंत्री धामी ने किया अखंड परमधाम गंगा घाट का लोकार्पण

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मुख्यमंत्री धामी ने किया अखंड परमधाम गंगा घाट का लोकार्पण

स्वामी परमानन्द गिरि की 71वीं संन्यास जयंती पर कार्यक्रम का शुभारंभहरिद्वार। अक्षय तृतीया के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित स्वामी परमानन्द गिरि महाराज की 71वीं संन्यास जयंती समारोह में दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नमामि गंगे योजना के अंतर्गत निर्मित अखंड परमधाम गंगा घाट का लोकार्पण भी किया।मुख्यमंत्री ने देशभर से पधारे संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक घाट के उद्घाटन का नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक चेतना के निरंतर प्रवाह का प्रतीक है। उन्होंने स्वामी परमानन्द गिरि जी के जीवन को तप, त्याग और साधना का अद्वितीय उदाहरण बताते हुए कहा कि उनके विचार समाज को सेवा, करुणा और मानव कल्याण की दिशा में प्रेरित करते हैं।इस अवसर पर उन्होंने साध्वी ऋतंभरा के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्र और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों का सानिध्य समाज को सही दिशा प्रदान करता है और आध्यात्मिक मूल्यों को सुदृढ़ करता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने श्रीराम मंदिर निर्माण, केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम पुनर्निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर क्षेत्रों का विकास, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर तथा यमुनातीर्थ स्थलों के पुनरुद्धार जैसे कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना भी की गई है।मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता लागू करने, धर्मांतरण विरोधी कानून तथा अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और जनसंख्या संतुलन की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने चारधाम यात्रा के शुभारंभ का उल्लेख करते हुए बताया कि अक्षय तृतीया के दिन मां गंगा और मां यमुना के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। सरकार की प्राथमिकता यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाना है, जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।इस अवसर पर योग गुरु स्वामी रामदेव, साध्वी ऋतंभरा, महंत रवींद्र पुरी सहित अनेक संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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