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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:50 · नई दिल्ली संस्करण

उत्तराखण्ड के कालनेमी व फर्जी शंकराचार्योे की हो जांच

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
उत्तराखण्ड के कालनेमी व फर्जी शंकराचार्योे की हो जांच

हरिद्वार। स्वामी महेश्वरांनद ने सीएम धामी को पत्र लिखकर की मांग कि आगामी अर्द्धकुम्भ मेला को देखते हुए राज्य में फैले कालनेमियों की गहनता से जांच की मांग को लेकर सरस्वती आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी महेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है।सीएम धामी को भेजे पत्र में स्वामी महेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहाकि हिन्दू तीर्थ क्षेत्र आतंकवादियों एवं विधर्मियों के निशाने पर हमेशा से रहा है। उत्तराखण्ड भी कालनेमियों से अछूता नहीं है। यहां फर्जी आधार कार्ड, मार्कशीट, डीएल, रजिस्टरी कोई भी दस्तावेज द्वारा कोई भी पद प्रतिष्ठा फर्जी शंकराचार्य, महामण्डलेश्वर बनना व बनाना राज्य में कानून व्यवस्था लचर होने के कारण यह अपराध गम्भीर नहीं माना जा रहा है। ऐसे फर्जी लोगों का एकमात्र उद्देश्य येन-केन-प्रकारण धन अर्जित करना है, जबकि फर्जी अपराध के लिए कठोर सजा का प्रावधान होना चाहिए।उन्होंने कहाकि हाल ही में प्रयागराज में कथित स्वयंभू स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द जो स्वयं को शंकराचार्य पद से सुशोभित कहते हैं, जबकि सर्वोच्च न्यायालय में वाद लम्बित हैं। बावजूद उसके आप अपने आपको प्रचारित कर समाज में यह भ्रम पैदा कर विद्वेश फैलाया जा रहा है। यह स्पष्ट अपराध की श्रेणी में है।स्वामी महेश्वरांनद महाराज ने कहाकि सैंकड़ों, करोड़ हिन्दुओं की सनातन धर्म को मानने वालों की भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है, जबकि पूर्व में भी ऐसा कोई भी मौका हिन्दू सनातन धर्मावलम्बियों का मखौल उड़ाने व हतोत्साहित कर जानबूझकर आघात नहीं पहुंचाया। जब राम मन्दिर के उद्घाटन के समय भी इनके द्वारा पूर्व में घोर विरोध किया गया, साथ ही अब गौमाता, राष्ट्रमाता का नारा वर्तमान में लेकर चलाने का ड्रामा कर रहे हैं, जबकि गाय का दूध पीते तो हैं पर आज तक गौवंश के लिए कोई कार्य नहीं किया, कितना गौ पालन करते हैं, आज तक नहीं सुना गया।कहाकि आगामी वर्ष में उत्तराखण्ड में में दिव्य और भव्य कुम्भ मेला का जो शुभ आयोजन हो रहा है, इसमें किसी प्रकार का खलल व विघटन पैदा न हो सके। प्रयागराज के महाकुम्भ व माघ मेले से सीख लेते हुए ऐसे और कई कालनेमियों को चिन्हित करके उत्तराखण्ड में प्रवेश करने पर रोक लगाकर इनकी सम्पत्ति की सीबीआई से जांच करायी जाए तथा इनके सनातन विरोधी वक्ताओं की भी जांच करायी जाये, जिससे देश में अशान्ति, अस्थिरता का माहौल न बन सके तथा तीर्थ का तीर्थत्व बना रहे।उन्होंने सीएम धामी से कालनेमियों, कथित शंकराचार्यो की जांच सीबीआई से कराए जाने और इनके खिलाफ सगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

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