अमित शाह का बड़ा ऐलान: गांव-गांव खुलेंगी 75000 डेयरियां, दूध का मिलेगा 55 रु. दाम
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने भोपाल में श्वेत क्रांति 2.0 का ऐलान किया। इसके तहत देश में 75,000 नई डेयरी सहकारी समितियां बनेंगी और 46,000 मौजूदा डेयरियों को मजबूत किया जाएगा। इससे पशुपालकों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी, दूध का दाम 35 से बढ़कर 55 रुपये लीटर होगा। MP में दूध संग्रहण 12 लाख से 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य है।

देश में एक बार फिर दूध की नदियां बहाने की तैयारी है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन से श्वेत क्रांति 2.0 (White Revolution 2.0) का बड़ा ऐलान किया है। इसके तहत केंद्र सरकार पूरे देश में गांव-गांव तक डेयरी नेटवर्क को मजबूत करेगी। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में नंबर-1 बनाने के विजन के तहत इस क्रांति की शुरुआत की गई है। सरकार का लक्ष्य है गांवों में 75 हजार नई डेयरी सहकारी समितियां बनाना, जबकि 46 हजार मौजूदा डेयरियों को मजबूत और आधुनिक बनाना है। इस मिशन में सबसे बड़ी भूमिका मध्य प्रदेश की होगी। शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने की अपार संभावना है। अभी प्रदेश में रोज 2 करोड़ लीटर से ज्यादा दूध का उत्पादन होता है, लेकिन सहकारी समितियों के जरिए सिर्फ 12 लाख लीटर की ही खरीद हो पाती है। सरकार का लक्ष्य अगले 3 साल में इसे 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाना है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में अब तक 1700 से ज्यादा नई दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा चुकी हैं। जिन गांवों में अभी समिति नहीं है, वहां नई समितियां बनाई जाएंगी। श्वेत क्रांति 2.0 का सबसे बड़ा फायदा पशुपालकों को होगा। अभी बिचौलियों को दूध बेचने पर किसानों को 35 रुपये लीटर मिलता है। सहकारी समितियों के आने के बाद यही दाम 55 रुपये प्रति लीटर तक मिल सकेगा। इसके साथ ही 12 करोड़ का बोनस और 15.10 करोड़ के लाभांश का वितरण भी किया गया। सरकार सिर्फ दूध नहीं, बल्कि पूरा इकोसिस्टम बना रही है। दूध से दही, मक्खन, पनीर बनाने के साथ-साथ गोबर से बायोगैस, जैविक खाद और अन्य उत्पाद बनाने के लिए 5 मॉडल तैयार किए गए हैं। इसके लिए सरदार पटेल को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की स्थापना की गई है।
सम्मेलन के दौरान अमित शाह ने MP को कई सौगातें भी दीं: उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से 3 लाख लीटर क्षमता वाला दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का भूमिपूजन। भोपाल में 16.5 करोड़ का प्रोडक्ट डेयरी प्लांट। 12.42 करोड़ की अत्याधुनिक केंद्रीय प्रयोगशाला का लोकार्पण। शिवपुरी में 6.5 करोड़ की लागत से मिनी डेयरी प्लांट का सुदृढ़ीकरण। इसके अलावा पशु नस्ल सुधार के लिए 50 एकड़ में विशेष कार्यक्रम, गिर और साहिवाल जैसी उन्नत नस्लों को बढ़ावा और 168 नई गौ एंबुलेंस शुरू करने का ऐलान भी हुआ। अमित शाह ने कहा कि डेयरी आधारित अर्थव्यवस्था से देश की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी और कुपोषण से लड़ने में भी मदद मिलेगी। भारत पहले ही दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक है, श्वेत क्रांति 2.0 के बाद भारत की वैश्विक हिस्सेदारी और बढ़ेगी।




