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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:51 · नई दिल्ली संस्करण

दुष्कर्म के खिलाफ सेविका -सहायिकाओं ने किया प्रदर्शन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
दुष्कर्म के खिलाफ  सेविका  -सहायिकाओं ने किया प्रदर्शन

कोडरमा। आंगनबाड़ी सेविका के साथ दुष्कर्म की घटना के खिलाफ सेविका -सहायिकाओं ने शनिवार को आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन कर न्याय की मांग को लेकर समाहरणालय पर जमकर नारेबाजी की। इससे पूर्व आंगनबाड़ी यूनियन की जिलाध्यक्ष शोभा प्रसाद एवं जिला सचिव वर्षा रानी के नेतृत्व में अम्बेडकर पार्क से समाहरणालय तक सीटू और झारखंड राज्य आंगनबाड़ी सेविका सहायिका यूनियन के बैनर तले जुलूस निकाला गया। जुलूस में आक्रोशित सेविका सहायिकाओं के जरिये आरोपित को फांसी दो, कामकाजी महिला को सुरक्षा दो, महिलाओं के साथ यौन शोषण पर रोक लगाओ सहित अन्य नारे लगाए जा रहे थे।सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि आंगनबाड़ी की सेवा महिला एवं बाल विकास विभाग के जरिये संचालित होता है और उसी आंगनबाड़ी केंद्र में काम करने वाली महिला सुरक्षित नहीं है, तो आम महिलाओं को सुरक्षा कैसे मिलेगा। अपराधियों में कानून का खौफ नहीं है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सरकार का नारा झूठा है।सीटू के जिला सचिव रमेश प्रजापति ने कहा कि प्रशासन को शर्म आना चाहिए कि जिला मुख्यालय से दो किलो मीटर की दूरी पर काम करने वाली महिला सुरक्षित नहीं है। घटना के दिन पीड़िता का मेडिकल जांच नहीं होना पुलिस प्रशासन की लापरवाही साफ झलकता है। आंगनबाड़ी यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी ने कहा कि आये दिन सरकार के जरिये बीएलओ से लेकर अन्य कई तरह के कामों में लगाया जाता है, जिसमें देर शाम तक काम करना पड़ता है। जिसमें हमलोग असुरक्षित महसूस करते हैं। जिस प्रकार से हमारी आंगनबाड़ी परिवार की बहन के साथ यह घटना हुई है, उससे हमें अब डर महसूस होने लगा है। आंदोलन को झारखंड राज्य किसान सभा के संयुक्त सचिव असीम सरकार ने भी समर्थन किया।प्रदर्शन के बाद पुलिस अधीक्षक के नाम छह सूत्री मांग पत्र सौंपा गया। इसमें मुकदमा की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर अपराधी को कठोर से कठोर सजा देने, पीड़िता को समुचित मुआवजा देने, आंगनबाड़ी सेविका सहित सभी कामकाजी महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने सहित अन्य मांगें शामिल है। इस दौरान काफी संख्या में महिलाएं शामिल थीं।

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