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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:51 · नई दिल्ली संस्करण

स्टेट बैंक की जकड़ में फंसी ज़िंदगी: खाते में लाखों, पर इलाज के लिए तरस रही रिटायर्ड शिक्षिका

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
स्टेट बैंक की जकड़ में फंसी ज़िंदगी: खाते में लाखों, पर इलाज के लिए तरस रही रिटायर्ड शिक्षिका

पूर्वी सिंहभूम। सोनारी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक में जमा लाखों रुपये भी एक बुज़ुर्ग महिला की जान नहीं बचा पा रहे हैं। सेवानिवृत्त सरकारी शिक्षिका अंजलि बोस एमजीएम अस्पताल में मरणशैय्या पर पड़ी हैं, डॉक्टर बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन बैंक की प्रक्रियाओं ने उनके पैसों को उनकी ज़िंदगी से दूर कर दिया है।वर्ष 2008–09 में कपाली विद्यालय से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने अपने जीवन भर की कमाई लगभग 25 लाख रुपये स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सोनारी शाखा में इस सोच के साथ जमा की थी कि बुढ़ापे में बीमारी या अस्पताल की ज़रूरत पड़ेगी तो यही पैसा उनके काम आएगा।परिजनों का कहना है कि वे कई दिनों से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सोनारी शाखा के चक्कर काट रहे हैं। बैंक प्रबंधन का तर्क है कि अंजलि बोस के खाते में कोई नॉमिनी दर्ज नहीं है, इसलिए खुद अंजलि बोस को बैंक आना होगा, तभी राशि का भुगतान किया जा सकता है। परिजन बैंक अधिकारियों को बार-बार समझा रहे हैं कि अंजलि बोस अस्पताल के बिस्तर से उठने की स्थिति में नहीं हैं, वे मरणशैय्या पर पड़ी हुई हैं, बैंक आना असंभव है।परिजनों ने यहां तक प्रस्ताव रखा कि बैंक सीधे अस्पताल प्रबंधन को इलाज का खर्च अदा कर दे, ताकि अंजलि बोस की जान बच सके। लेकिन बैंक अधिकारियों ने इस मानवीय अपील को भी ठुकरा दिया।मामला गंभीर होता देख अंजलि बोस की छोटी बहन गायत्री बोस, जो खुद भी सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं, ने भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह को एमजीएम अस्पताल बुलाया। अस्पताल पहुंचकर विकास सिंह ने परिजनों से पूरी जानकारी ली।गायत्री बोस की पीड़ा शब्दों से बाहर छलक पड़ी। उन्होंने कहा कि उन्हें बहन का पैसा नहीं चाहिए, बस बैंक अगर सीधे अस्पताल में भुगतान कर दे तो उनकी बहन की जान बच सकती है। भावुक स्वर में उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पैसों के अभाव में उनकी बड़ी बहन की मौत हो गई, तो वह उसके पार्थिव शरीर को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सोनारी शाखा में लेकर जाएंगी, ताकि सिस्टम को आईना दिखाया जा सके।शुक्रवार को भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से हस्तक्षेप की मांग की है।

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