एनएच 98 फोरलेन से प्रभावित रैयतों ने बनाया संघर्ष समिति, उचित मुआवजा मिले बगैर नहीं देंगे जमीन
मेदिनीनगर : एनएच 98 के फोरलेन से प्रभावित होने वाले रैयतों ने कहा कि उचित मुआवजा मिलने के बाद ही जमीन देने पर विचार किया जाएगा। जमीन का उचित मुआवजा की मांग को लेकर शनिवार को कौवाखोह स्थित बालकिशोर सिंह इंटर कॉलेज परिसर में रैयतों की बैठक हुई, जिसमें उचित मुआवजा तथा भूमि अधिग्रहण में विसंगति दूर करने के लिए संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए नए सिरे से हरिहरगंज तथा पिपरा प्रखंड के लिए एनएच फोरलेन रैयत संघर्ष समिति का गठन किया गया। सर्वसम्मति से अध्यक्ष भोला कुमार, उपाध्यक्ष विजय प्रसाद मेहता, रामनाथ सिंह, महेश वर्मा व अरविंद सिंह, कोषाध्यक्ष अर्जुन प्रसाद गुप्ता, उप कोषाध्यक्ष अजीत पासवान व गौतम प्रताप को बनाया गया। जबकि महामंत्री विशुनदेव प्रसाद मेहता, मंत्री गुड्डू सिंह व अजय सिंह को बनाया गया। वही मीडिया प्रभारी विवेक कुमार, नंदू कुमार यादव व सोनू गुप्ता को बनाया गया। प्रभावित रैयतों ने कहा कि मेदिनीनगर-औरंगाबाद मुख्य मार्ग के सटे जिन किसानों का जमीन एनएच 98 के फोरलेन प्रोजेक्ट में अधिग्रहित की गयी है, उन्हें उसका उचित मुआवजा जबतक नहीं मिलेगा, वे अपनी जमीन नहीं देंगे। प्रभावितों ने बताया कि अधिग्रहित मकानों का मुआवजा दर भी संतोषजनक नहीं है। मकानों का मूल्य भी लागत मूल्य और वर्तमान सरकारी दर से काफी कम लगाया गया है। प्रभावितों ने कहा कि वे लोग भी चाहतें हैं कि फोरलेन का निर्माण जल्द हो, लेकिन भूमि अधिग्रहण में कई बड़ी विसंगतियां हैं। वही संघर्ष समिति के अध्यक्ष भोला कुमार ने कहा कि सरकार और भू अर्जन कार्यालय में उनकी जमीन और मकान का मूल्य काफी कम लगाया है। इसे लेकर हाईकोर्ट के शरण में जाएंगे। वही रैयत किसानों ने भू अर्जन तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। बैठक में रामनाथ सिंह, अशोक यादव, सुनेश्वर यादव, सुधीर सिंह सहित सुलतानी, रक्सेल तेंदुआ, भगत तेंदुआ, ढाब, रामपुर, कौआखोह आदि दर्जनों गांव के सैंकड़ो किसान शामिल थे।





