मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:29 · नई दिल्ली संस्करण

रेवाड़ीः बेसहारा बच्चों को तत्काल दी जाए पुनर्वास की सहायताः अभिषेक मीणा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
रेवाड़ीः बेसहारा बच्चों को तत्काल दी जाए पुनर्वास की सहायताः अभिषेक मीणा

-उपायुक्त ने किया आस्था कुंज का निरीक्षणरेवाड़ी। जिला बाल कल्याण परिषद के चेयरमैन एवं उपायुक्त अभिषेक मीणा ने कहा है कि जिले में कोई भी बच्चा बेसहारा हो तो उस तक जिला प्रशासन की पुनर्वास सहायता तुरंत प्रभाव से पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला बाल कल्याण समिति को शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, स्थानीय निकाय, पंचायत आदि विभागों के साथ समन्वय बना कर रखना चाहिए।उपायुक्त अभिषेक मीणा मंगलवार को जिला के सरकारी बाल गृह आस्था कुंज का निरीक्षण कर रहे थे। सिविल हॉस्पिटल के समीप स्थित आस्था कुंज में उन्होंने बच्चों के रहने, भोजन, उनकी सुरक्षा, चिकित्सा व पढ़ाई आदि की व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि आस्था कुंज में साफ-सफाई और पौष्टिक आहार का विशेष ध्यान रखा जाए। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ उनको चित्रकारी, संगीत, नृत्य आदि विधा भी सिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला बाल कल्याण समिति का दूसरे विभागों के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए इनकी हर तीन माह में नियमित रूप से बैठक होनी चाहिए। बच्चों के स्वास्थ्य की जांच होनी चाहिए। किसी बच्चे को पढ़ाई या तकनीकी प्रशिक्षण में मदद की आवश्यकता हो तो जिला प्रशासन की ओर से उसकी पूरी सहायता की जाएगी।उपायुक्त ने बताया कि रेवाड़ी के अलावा बावल, कोसली तथा धारूहेड़ा में भी बाल भवन के केंद्र स्थापित किए गए हैं। जिससे कि जिले में कहीं भी कोई बच्चा बेसहारा हो तो उस तक प्रशासन की मदद जल्दी पहुंचाई जा सके। जिला बाल कल्याण अधिकारी वीरेंद्र यादव ने उपायुक्त को बताया कि इस समय आस्था कुंज में 16 बच्चे रह रहे हैं। जिनमें से पांच बच्चों को आरपीएस हसाका तथा 11 बच्चों को महाराजा अग्रसेन विद्यालय में पढ़ाया जा रहा है। इस मौके पर जिला बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन श्रुति शर्मा, सदस्य बलजीत यादव, एडवोकेट अमरजीत, कुसुम शर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी दीपिका यादव, प्रोबेशन ऑफिसर अजमेर सिंह गोदारा, डा अभिषेक, आदि मौजूद रहे।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें