Rohit Pawar ने लॉन्च की 'महाराष्ट्र वोट चोरी' वेबसाइट, 48 लाख फर्जी वोटर्स का लगाया आरोप
NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने ‘महाराष्ट्र वोट चोरी’ वेबसाइट लॉन्च की है। उनका दावा है, 2019-24 में 5 साल में 32 लाख वोटर बढ़े, लेकिन 2024 में 6 महीने में 48 लाख जोड़ दिए गए। वेबसाइट पर फर्जी, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं का डेटा है। पवार पहले डोनाल्ड ट्रंप के नाम का फर्जी आधार बनाकर सिस्टम की खामी दिखा चुके हैं, जिस पर FIR हुई थी। उन्होंने SIR में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया है।

महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट को लेकर चल रही सियासी लड़ाई अब एक वेबसाइट पर आ गई है। NCP (शरदचंद्र पवार) के विधायक और पार्टी के महासचिव रोहित पवार ने ‘महाराष्ट्र वोट चोरी’ नाम से एक वेबसाइट लॉन्च की है, जिस पर वे मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के सबूत अपलोड कर रहे हैं। रोहित पवार का दावा है कि यह वेबसाइट जनता के लिए एक ओपन प्लेटफॉर्म होगी, जहां कोई भी अपने विधानसभा क्षेत्र में फर्जी वोटर, डुप्लीकेट नाम या मृत मतदाताओं के नाम पर वोट का डेटा देख और रिपोर्ट कर सकेगा।
पत्रकार परिषद में पवार ने आरोप लगाया कि 2019 से 2024 लोकसभा चुनाव तक महाराष्ट्र में 5 साल में 32 लाख वोटर बढ़े, औसतन 6.5 लाख प्रति साल। लेकिन 2024 लोकसभा से विधानसभा चुनाव के बीच सिर्फ 6 महीने में 48 लाख नए वोटर जोड़ दिए गए। यह असामान्य वृद्धि है। अपने कर्जत-जामखेड विधानसभा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि लोकसभा के बाद वहां 14,292 वोटर जोड़े गए, 5,360 नाम हटाए गए और 14,162 डुप्लीकेट एंट्री डाली गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक विधानसभा के आधार कार्ड का इस्तेमाल दूसरी जगह वोट बनाने के लिए किया जा रहा है, नाम और फोटो बदल दिए जा रहे हैं।
रोहित पवार पहले भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक वेबसाइट के जरिए डोनाल्ड ट्रंप के नाम का फर्जी आधार कार्ड बनाकर दिखा चुके हैं, ताकि यह साबित हो सके कि फर्जी आधार से बोगस वोटर कैसे बनाए जा सकते हैं। इस मामले में मुंबई साइबर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। पुलिस के मुताबिक शिकायत बीजेपी सोशल मीडिया सेल के सह-संयोजक धनंजय वागस्कर ने की थी। FIR में जालसाजी, पहचान की चोरी और गलत जानकारी फैलाने की धाराएं लगाई गई थीं। रोहित पवार ने इसे हंसने लायक बताया था और कहा था कि उन्होंने कोई जालसाजी नहीं की, बल्कि सिस्टम की खामी दिखाई है।
नई वेबसाइट के साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र में चल रहे Special Intensive Revision (SIR) पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि SIR के तहत ड्राफ्ट रोल से हटाए गए वोटर्स की संख्या 2.07 करोड़ है, जो आगे बढ़कर 3 करोड़ तक जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने शक्तियों को सेंट्रलाइज कर दिया है और अब दिल्ली से ही नाम जोड़ने-हटाने का फैसला हो रहा है, जबकि BLO फिजिकल वेरिफिकेशन की जगह टेबल सर्वे कर रहे हैं। पवार ने कहा कि पुणे, नासिक और ठाणे में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां जिंदा लोगों को मृत दिखाया गया है, फोटो और जेंडर गलत हैं, लेकिन शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।
यह पूरा अभियान INDIA गठबंधन के ‘वोट चोरी’ कैंपेन का हिस्सा है, जिसका नेतृत्व राहुल गांधी कर रहे हैं। रोहित पवार ने कहा कि चुनाव आयोग की ECINet जैसी डिजिटल प्रक्रिया और CCTV फुटेज न देना कई सवाल खड़े करता है। बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि रोहित पवार का प्रदर्शन सामाजिक सुरक्षा को खतरे में डालने और एक स्वायत्त संस्था के खिलाफ लोगों में नफरत फैलाने जैसा है। फिलहाल रोहित पवार की वेबसाइट पर कर्जत-जामखेड सहित कई विधानसभा क्षेत्रों का डेटा अपलोड किया गया है और वे लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे अपनी वोटर लिस्ट खुद चेक करें।
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