SIR पर बवाल! धरने पर बैठे DK Shivakumar का बड़ा दावा- बीजेपी विधायक ने कैमरे पर मानी वोट काटने की गलती

कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी पारा हाई हो गया है। प्रदेश के डिप्टी सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेता डीके शिवकुमार SIR के विरोध में धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने बीजेपी पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का गंभीर आरोप लगाया है और कहा है कि बीजेपी के ही विधायक अभय पाटिल ने खुद अपनी गलती मान ली है। दरअसल, चुनाव आयोग ने कर्नाटक में SIR की प्रक्रिया शुरू की है, जिसका कांग्रेस लगातार विरोध कर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी के इशारे पर वोटर लिस्ट से कांग्रेस समर्थक वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं और फर्जी नाम जोड़े जा रहे हैं।
इसी मुद्दे को लेकर डीके शिवकुमार बेंगलुरु में चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर अपने विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए। हाथ में "वोट चोरी बंद करो" की तख्ती लिए शिवकुमार ने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। धरने पर बैठे डीके शिवकुमार ने बड़ा दावा करते हुए कहा, "बीजेपी के बेलगावी दक्षिण से विधायक अभय पाटिल ने खुद माना है कि उन्होंने फॉर्म 7 का दुरुपयोग किया है।" गौरतलब है कि फॉर्म 7 का इस्तेमाल वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए किया जाता है। कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी विधायक अभय पाटिल और उनके समर्थकों ने बेलगावी में हजारों मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फर्जी तरीके से फॉर्म 7 भरकर जमा किए। डीके शिवकुमार ने कहा, "जब हमने सबूतों के साथ उन्हें घेरा तो अभय पाटिल ने खुद कैमरे पर कहा कि उनसे गलती हुई है।
अगर यह गलती है तो यह बहुत बड़ी साजिश है। एक विधायक हजारों वोटरों का नाम कैसे काट सकता है? इसके पीछे कौन है? इसकी जांच होनी चाहिए।"शिवकुमार ने चुनाव आयोग से मांग की है कि अभय पाटिल के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए और SIR की प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए। वहीं बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। बीजेपी विधायक अभय पाटिल ने कहा है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "मैंने कोई गलती नहीं मानी। फॉर्म 7 भरना हर नागरिक का अधिकार है। अगर कोई वोटर उस क्षेत्र में नहीं रहता तो उसका नाम हटाने के लिए आवेदन किया जा सकता है। कांग्रेस हार के डर से बौखला गई है।" कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस SIR से डर रही है क्योंकि फर्जी वोटरों की पोल खुल जाएगी।
चुनाव आयोग ने कहा है कि SIR एक रूटीन प्रक्रिया है और इसका किसी पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। आयोग ने कहा कि अगर किसी ने फॉर्म 7 का गलत इस्तेमाल किया है तो उसकी जांच की जाएगी। कर्नाटक में SIR को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच आर-पार की लड़ाई शुरू हो गई है। कांग्रेस इसे "वोट चोरी" बता रही है तो बीजेपी इसे "फर्जी वोटरों की सफाई" बता रही है। डीके शिवकुमार के धरने के बाद अब यह मामला दिल्ली तक पहुंच गया है। कांग्रेस आलाकमान ने भी इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से मिलने का फैसला किया है। फिलहाल डीके शिवकुमार धरने पर डटे हुए हैं और उन्होंने साफ कह दिया है कि जब तक चुनाव आयोग कार्रवाई नहीं करेगा, उनका विरोध जारी रहेगा।
विषय





