'देश का सबसे बड़ा गद्दार है CEC' - राहुल गांधी और अभिजीत दिपके ने मांगा इस्तीफा, चिराग पासवान बोले...

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर देश की सियासत में घमासान तेज हो गया है। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि पिछले 10 महीनों में दो चुनाव आयुक्तों विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन और चुनाव आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई है, जिसके बाद विपक्ष हमलावर है।गुरुवार 24 सितंबर को दिल्ली के इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और CEC ज्ञानेश कुमार पर सबसे तीखा हमला बोला।
राहुल ने तीनों को 'देशद्रोही' बताते हुए कहा कि भारत की वोटिंग व्यवस्था को बर्बाद किया गया है। उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार तुरंत इस्तीफा दें और सरकारी गवाह बनें, जो राष्ट्रवाद का काम होगा।राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 2024 का लोकसभा चुनाव पूरी तरह फर्जी था, कई राज्यों में वोट चोरी हुई है। उन्होंने कहा, वोट चोरी से कानून चोरी होती है और कानून चोरी से संस्थाओं पर कब्जा होता है। वोट लोकतंत्र की नींव है, इसके खत्म होने से संविधान का महत्व भी खत्म हो जाएगा। उन्होंने दोनों चुनाव आयुक्तों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने साहस दिखाया है।इसी कड़ी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने भी मोर्चा खोल दिया।
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिपके ने CEC को देश का सबसे बड़ा गद्दार बताया और 48 घंटे के अंदर इस्तीफे का अल्टीमेटम दिया। CJP ने कहा कि अगर इस्तीफा नहीं दिया तो वे 'Election Commission Thik Karo' अभियान के तहत देशव्यापी आंदोलन और दिल्ली में जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना करेंगे। उन्होंने SIR को तुरंत रोकने, पुरानी मतदाता सूची बहाल करने और आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार की भी मांग की।अब इस पूरे विवाद पर केंद्रीय मंत्री और LJP (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान का बयान सामने आया है। चिराग ने कहा, 'आइए और चीजें स्पष्ट करिए...'।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को जनता का भरोसा बनाए रखना चाहिए। विपक्ष क्या कहता है इससे फर्क नहीं पड़ता, राजनीति करना उसका काम है, लेकिन अगर चुनाव प्रक्रिया को लेकर आम लोगों के मन में शक पैदा होता है तो यह सही नहीं है।चिराग ने कहा कि CEC की जिम्मेदारी है कि वह मजबूती से अपना पक्ष रखे और लोगों के मन में कोई संदेह न रहने दे। उठ रहे सवालों पर चुनाव आयोग को खुलकर जवाब देना चाहिए। वहीं बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी उड़े हुए हैं जबकि पीएम मोदी जमीन से जुड़े हैं।
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