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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:15 · नई दिल्ली संस्करण

ज्ञानेश कुमार की कुर्सी पर संकट! महाभियोग से गिरफ्तारी तक की मांग, 30 सितंबर को होगा फैसला, एकजुट हुआ पूरा विपक्ष

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
ज्ञानेश कुमार की कुर्सी पर संकट! महाभियोग से गिरफ्तारी तक की मांग, 30 सितंबर को होगा फैसला, एकजुट हुआ पूरा विपक्ष

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित खामियों और चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की खबरों के बाद विपक्ष ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। इसी मुद्दे पर 'INDIA' ब्लॉक की अहम बैठक 30 सितंबर को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में होगी। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में INDIA ब्लॉक के सभी प्रमुख नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।

कांग्रेस, टीएमसी, सीपीएम, डीएमके, आम आदमी पार्टी सहित सभी सहयोगी दलों को न्योता भेजा गया है। बैठक की टाइमिंग बेहद अहम है क्योंकि कांग्रेस 25 और 28 सितंबर को देशव्यापी प्रदर्शन कर रही है। इस पूरे विवाद ने बंगाल की दो धुर विरोधी पार्टियों TMC और CPM को भी एक मंच पर ला दिया है। सीपीएम महासचिव एमए बेबी ने 23 सितंबर को INDIA ब्लॉक के नेताओं को पत्र लिखकर संयुक्त रणनीति की अपील की थी। सूत्रों के मुताबिक इस पत्र पर TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और अगले दिन शुक्रवार दोपहर दोनों नेताओं के बीच फोन पर लंबी बातचीत हुई।

बातचीत में सीईसी ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने 'देश में किए जा रहे चुनावी फर्जीवाड़े' के खिलाफ बड़े स्तर पर देशव्यापी अभियान शुरू करने पर सहमति जताई है। ममता बनर्जी ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी से भी इस मुद्दे पर बात की है। दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर आंतरिक रूप से आपत्ति जताई थी।

आरोप है कि कई फैसले उनसे बिना पूछे या सहमति के लिए गए। हालांकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि SIR समेत आयोग के सभी फैसले पूर्ण आयोग द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए हैं और दोनों आयुक्तों की टिप्पणियां ड्राफ्ट स्तर की परिचालन संबंधी सुझाव थीं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सबसे आक्रामक रुख अपनाया है। संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनकी गिरफ्तारी तक की मांग कर दी है। कांग्रेस ने 25 सितंबर को सभी राज्यों में राज्य चुनाव आयोग के दफ्तरों के बाहर और 28 सितंबर को जिला कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च का ऐलान किया है।

29 सितंबर को कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक भी बुलाई गई है। विपक्ष की योजना है कि अगले दो सप्ताह के भीतर राज्यसभा में CEC के खिलाफ महाभियोग का संशोधित नोटिस दिया जाए, जिसमें नए तथ्यों को शामिल किया जाएगा। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, YSRCP प्रमुख जगन मोहन रेड्डी, नवीन पटनायक और अरविंद केजरीवाल जैसे नेताओं को भी इस मुहिम में जोड़ने की कोशिश हो रही है। 30 सितंबर की बैठक में ही तय होगा कि विपक्ष संसद से लेकर सड़क तक इस लड़ाई को कैसे आगे ले जाएगा।

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