अपनी ही सरकार से नाराज हुए कांग्रेस MLA, राहुल गांधी को लिखी चिट्ठी बोले - 'हम कहां जा रहे हैं...'

कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार अंदर से हिलती नजर आ रही है। सत्ता में होने के बावजूद पार्टी के अपने ही विधायक सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। ताजा मामला कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री के.एन. राजन्ना का है, जिन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एक भावुक और तल्ख लहजे में चिट्ठी लिखी है, जिसकी शुरुआत ही इसी लाइन से होती है - 'हम कहां जा रहे हैं...' सूत्रों के मुताबिक, मधुगिरी से विधायक के.एन. राजन्ना ने राहुल गांधी को 4 पन्नों की चिट्ठी लिखी है।
चिट्ठी में उन्होंने संगठनात्मक लापरवाही और सरकार के रवैये पर खुलकर नाराजगी जताई है। राजन्ना ने लिखा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान KPCC द्वारा नियुक्त कई बूथ लेवल एजेंट (BLA) ने अपना काम ठीक से नहीं किया। अगर समय रहते KPCC अध्यक्ष और डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार और पार्टी के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने ध्यान दिया होता, तो कर्नाटक में कांग्रेस 8 से 10 सीटें और जीत सकती थी। राजन्ना ने यह भी दावा किया है कि यही लापरवाही पूरे देश में दोहराई गई, वरना कांग्रेस को 30 से 40 सीटें और मिलतीं और केंद्र में सरकार की तस्वीर कुछ और होती।
लेकिन नाराजगी सिर्फ चुनावी हार की नहीं है। राजन्ना ने चिट्ठी में लिखा है कि आज कर्नाटक के कार्यकर्ता और आम जनता का भरोसा टूट रहा है। उन्होंने लिखा, "6 से ज्यादा वरिष्ठ मंत्री और नेता बीजेपी-जेडीएस से लड़ने की बजाय सीएम की कुर्सी के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। इससे हमारे कार्यकर्ता हताश हो रहे हैं और लोगों का सरकार से विश्वास उठ रहा है।" राजन्ना की नाराजगी के 3 बड़े कारण बताए जा रहे हैं: कर्नाटक में सिद्धारमैया और डी.के. शिवकुमार के बीच सत्ता की खींचतान जगजाहिर है। मुडा केस में सिद्धारमैया की मुश्किलें बढ़ने के बाद कई मंत्री खुलेआम खुद को सीएम प्रोजेक्ट कर रहे हैं। राजन्ना ने इसे पार्टी के लिए नुकसानदायक बताया है।
राजन्ना को हाल ही में वोट चोरी पर दिए गए उनके बयान के बाद मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था। उनका आरोप है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर राहुल गांधी तक पहुंचाया गया। उन्होंने राहुल से मांग की है कि जिन्होंने उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया, उन पर कार्रवाई हो। चिट्ठी में कहा गया है कि अंदरूनी लड़ाई के कारण राज्य सरकार का प्रशासन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। योजनाएं जमीन पर नहीं उतर रही हैं और बीजेपी-जेडीएस इसे सरकार को अस्थिर करने के मौके के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। राजन्ना ने चिट्ठी के अंत में राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा है ताकि वो अपनी बात व्यक्तिगत रूप से रख सकें।
यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी कर्नाटक के 15 से ज्यादा कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को चिट्ठी लिखकर सीएम पद के दावेदारों पर लगाम लगाने की मांग की थी। कर्नाटक में कांग्रेस के पास 136 विधायकों का भारी बहुमत है, लेकिन अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ रही है। सवाल यही है कि क्या राहुल गांधी इस चिट्ठी के बाद हस्तक्षेप करेंगे या कर्नाटक में भी वही कहानी दोहराई जाएगी जो राजस्थान और छत्तीसगढ़ में देखी गई थी?
विषय





