राहुल गांधी पर बरसे प्रमोद चंद्रवंशी- बोले इतिहास नहीं पता, वोट चोरी नहीं होती तो नेहरू कभी PM नहीं बनते...

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले 'वोट चोरी' के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। इसी बीच बिहार सरकार में मंत्री और भाजपा नेता प्रमोद चंद्रवंशी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इतिहास की जानकारी नहीं है। दरअसल, राहुल गांधी लगातार चुनाव आयोग और भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं। हाल ही में INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद भी उन्होंने यही मुद्दा उठाया था। इस पर पलटवार करते हुए मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि अगर वोट चोरी नहीं होती तो देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू नहीं, बल्कि सरदार वल्लभभाई पटेल होते।
मंत्री चंद्रवंशी ने अमित शाह के संसद में दिए गए बयान को दोहराते हुए कहा, "राहुल गांधी को पता ही नहीं है कि नेहरू जी प्रधानमंत्री कैसे बने। 1946 में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों ने वोटिंग की थी कि देश का पहला पीएम कौन बने। उसमें 28 प्रदेश अध्यक्षों ने सरदार पटेल के पक्ष में वोट किया था और सिर्फ 2 वोट नेहरू जी को मिले थे। फिर भी प्रधानमंत्री नेहरू बन गए। ये थी असली वोट चोरी। कांग्रेस को तो शुरू से ही वोट चोरी की आदत रही है।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस अनैतिक तरीके से चुनाव जीतना जानती है और अब वही आरोप भाजपा पर लगा रही है। प्रमोद चंद्रवंशी ने बिहार के पुराने चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले बिहार में चुनाव का मतलब बूथ लूट, गोलीबारी और हत्याएं हुआ करता था।
उन्होंने कहा, "साल 2005 बहुत पुरानी बात नहीं है। लोगों को पुराने वीडियो देखने चाहिए। पहले चुनाव के दौरान खुलेआम बूथ लूटे जाते थे। लोगों को वोट डालने से रोका जाता था। चुनाव के समय 8 से 10 हत्याएं तक हो जाती थीं।" मंत्री ने दावा किया कि 2005 के बाद बिहार में स्थिति बदली है। अब मतदाता बिना किसी डर के वोट डालने जा रहे हैं और कहीं कोई हिंसा नहीं हो रही है। इसके बावजूद विपक्ष को वोट चोरी दिखाई दे रही है। चिराग पासवान और INDIA ब्लॉक की बैठक को लेकर पूछे गए सवाल पर चंद्रवंशी ने कहा कि अगर गठबंधन का नेता ही कमजोर है और उसके बयान लोगों की समझ में नहीं आते कि वह क्या कह रहे हैं, तो ऐसी बैठक में जाकर लोग क्या करेंगे।
गौरतलब है कि हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह ने भी संसद में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान वोट चोरी के तीन उदाहरण दिए थे। पहला नेहरू का पीएम बनना, दूसरा इंदिरा गांधी का रायबरेली से चुनाव रद्द होना और तीसरा जजों की सुपरसिडिंग का मामला। मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस ने भी पलटवार किया है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है और चुनाव आयोग के साथ मिलकर SIR के जरिए वोटर लिस्ट में गड़बड़ी कर रही है। बिहार में सियासत इस मुद्दे पर और गरमाने के आसार हैं।





