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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:56 · नई दिल्ली संस्करण

केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन का खतरा बढ़ा, रेड अलर्ट पर रुक सकती है यात्रा

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन का खतरा बढ़ा, रेड अलर्ट पर रुक सकती है यात्रा

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही केदारनाथ धाम समेत पूरी केदार घाटी और रुद्रप्रयाग जिले के कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। लगातार वर्षा के कारण केदारनाथ हाईवे और पैदल यात्रा मार्ग पर भूस्खलन तथा पत्थर गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं। संभावित आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें संवेदनशील स्थानों पर तैनात कर दी गई हैं। वहीं जिला आपदा नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे हालात पर नजर बनाए हुए है।

जिला मजिस्ट्रेट विशाल मिश्रा ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि मानसून के दौरान केदारनाथ यात्रा सुचारू रूप से जारी है, लेकिन मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।

यदि मौसम विभाग की ओर से रेड अलर्ट जारी किया जाता है या किसी स्थान पर भूस्खलन का गंभीर खतरा उत्पन्न होता है तो यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा को कुछ समय के लिए रोका भी जा सकता है।

डीएम ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें तथा रेनकोट, छाता और अन्य आवश्यक सामान साथ रखें।

लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करने, प्रशासन द्वारा जारी चेतावनी संदेशों पर ध्यान देने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने आवश्यकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्थिति में उफनते नालों या तेज बहाव वाले जलधाराओं को पार करने का प्रयास नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे गंभीर दुर्घटना हो सकती है।

विशाल मिश्रा ने बताया कि जिले के सभी कंट्रोल रूम एक समन्वित टीम के रूप में कार्य कर रहे हैं। नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है और मौसम विभाग के पूर्वानुमान एवं अलर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों पर जेसीबी मशीनें पहले से तैनात रखी गई हैं, ताकि मार्ग बाधित होने की स्थिति में उसे शीघ्र खोला जा सके।

उन्होंने जानकारी दी कि बीती शाम और रात गौरीकुंड से चिरबासा के बीच तथा चिरबासा क्षेत्र में कई स्थानों पर पत्थर गिरने और भूस्खलन की घटनाएं हुई थीं। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमों ने पूरे दिन राहत एवं मार्ग बहाली का कार्य किया, जिसके बाद अधिकांश स्थानों पर रास्ता साफ कर दिया गया।

फिलहाल पैदल यात्रियों के लिए यात्रा जारी है, हालांकि बड़े पत्थरों के कारण खच्चरों और सामान ढोने वाले जानवरों की आवाजाही अभी प्रभावित है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और यात्रा को सुरक्षित एवं सुचारू बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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