फतेहाबाद में पराली जलाने पर 21 किसानों की रेड लाइन एंट्री

फतेहाबाद। जिले के टोहाना क्षेत्र में पराली जलाने की अब तक कुल 44 लोकेशन चिन्हित मिली है। मौके पर की गई जांच में इनमें से 21 लोकेशन सही पाई गई। यह जानकारी एसडीएम आकाश शर्मा ने सोमवार को दी। पराली जलाने की घटनाओं पर नियंत्रण के उद्देश्य से एसडीएम गांवों का दौरा कर पराली प्रबंधन की वास्तविक स्थिति का जायजा ले रहे हैं। सोमवार को उन्होंने गांव कन्हेड़ी, समैण, ललौदा, चितैन और भीमेवाला सहित कई क्षेत्रों में पहुंचकर किसानों से बातचीत की तथा फील्ड में पराली प्रबंधन के प्रयासों की समीक्षा की। एसडीएम आकाश शर्मा ने स्पष्ट किया कि पराली जलाने की पुष्टि होने पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में 21 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है तथा 21 किसानों को ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रेड एंट्री की गई है। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि पराली जलाना न केवल पर्यावरण को प्रदूषित करता है, बल्कि भूमि की उपजाऊ क्षमता को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि पराली जलाना किसी भी स्थिति में समाधान नहीं है। इससे मिट्टी की ऊपरी परत नष्ट होती है, सूक्ष्म जीव मरते हैं और अग्नि से खेतों की संरचना भी प्रभावित होती है। एसडीएम ने किसानों से अपील की कि वे पराली प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं और सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे यंत्रों तथा योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इस दौरान कृषि अधिकारी मुकेश मेहला सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।





