मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 7:08 · नई दिल्ली संस्करण

रामगढ़: झारखंड इस्पात प्लांट में फर्नेस ब्लास्ट से 9 मजदूर झुलसे, 7 की हालत बेहद नाजुक

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
रामगढ़: झारखंड इस्पात प्लांट में फर्नेस ब्लास्ट से 9 मजदूर झुलसे, 7 की हालत बेहद नाजुक

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले में हेसला स्थित 'झारखंड इस्पात प्लांट प्राइवेट लिमिटेड' में सोमवार तड़के फर्नेस फटने से भीषण विस्फोट हुआ, जिसकी चपेट में आकर 9 मजदूर बुरी तरह झुलस गए। घायलों में से 7 की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार तड़के करीब 4 बजे जब प्लांट में काम चल रहा था, तभी अचानक फर्नेस में जोरदार धमाका हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। फर्नेस के पास काम कर रहे मजदूर गर्म पिघले लोहे और आग की लपटों की चपेट में आ गए। हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल उत्पादन कार्य ठप हो गया।

हादसे के तुरंत बाद सभी 9 घायलों को रांची रोड स्थित 'द होप हॉस्पिटल' ले जाया गया। अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, घायल मजदूरों में से 7 की हालत बेहद नाजुक है, जो 60 से 90 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों को रांची स्थित देवकमल अस्पताल रेफर कर दिया गया है।

हादसे में झुलसे मजदूरों की पहचान अखिल राय, बृजलाल बेदिया, राजबालन यादव, महेश महतो, अशोक बेदिया, पंडित जी (राजू झा), छोटू साव और सुरेश बेदिया के रूप में हुई है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी को हादसे की वजह माना जा रहा है। इधर, घटना के बाद स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों में भारी आक्रोश है। लोगों ने प्लांट प्रबंधन पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और प्रबंधन को घायलों के समुचित इलाज का निर्देश दिया है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ब्लास्ट के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें