रामगढ़ उपायुक्त ने दुर्गा पूजा को लेकर दिशा-निर्देश जारी की
अक्टूबर 2020 के दौरान दुर्गा पूजा / दशहरा के पालन के लिए
दिशानिर्देशों का पालन किया जाना है:
रामगढ़ : दुर्गा पूजा आमतौर पर मंदिरों में या निजी तौर पर भक्तों द्वारा घर
पर संभव हद तक किया जा सकता है। पूजा
विशेष रूप से निर्मित छोटे पंडालों / मंडपों में भी की जा सकती है, जहां
पूजा का आयोजन पारंपरिक रूप से किया गया
है, वहां केवल सार्वजनिक भागीदारी के बिना ही अनुष्ठान/पूजा किया जाना
है। मूर्तियों के किसी भी सार्वजनिक दृश्य को रोकने
के लिए दुर्गा पूजा पंडाल / मंडप को सभी तरह से कवर किया जाएगा। पूजा पंडाल / मंडप का निर्माण किसी भी विषय पर नहीं किया जाएगा। पूजा पंडाल /
मंडप के आस-पास के क्षेत्र में प्रकाश करने से कोई सजावट नहीं होगी। पूजा पंडाल /
मंडप में और उसके आसपास कोई स्वागत द्वार / तोरणद्वार नहीं लगाया जाएगा। उस क्षेत्र को छोड़कर जहाँ मूर्ति रखी गई है,
पूजा
पंडाल / मंडप के शेष भाग को खुला रखा जाएगा। मूर्ति का आकार 4 फीट
से कम होगा। पब्लिक अड्रेससल सिस्टम(माइक, लाउडस्पीकर)
का कोई उपयोग नहीं किया जाएगा। उक्त अवसर पर कोई मेला आयोजित नहीं किया
जाएगा। दुर्गा पूजा पंडाल / मंडप में और उसके आसपास
कोई भी खाद्य स्टाल नहीं खोला जाएगा। किसी भी समय,
दुर्गा
पूजा पंडाल / मंडप में मौजूद आयोजकों, पुजारियों और सहायक कर्मचारियों सहित 7 से
अधिक व्यक्ति नहीं होंगे। कोई विसर्जन
जुलूस नहीं होगा। मूर्तियों को जिला
प्रशासन द्वारा अनुमोदित स्थान (स्थानों) पर विसर्जित किया जाएगा। कोई संगीत या कोई अन्य मनोरंजन / सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होगा। कोई
सामुदायिक दावत / प्रसाद या भोग वितरण समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा। आयोजकों / पूजा समितियों द्वारा किसी भी रूप में कोई निमंत्रण जारी
नहीं किया जाएगा। पंडाल / मंडप के उद्घाटन के लिए कोई सार्वजनिक
समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा। किसी भी
सार्वजनिक स्थान पर कोई गरबा / डांडिया कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। रावण के पुतले का दहन सार्वजनिक स्थान पर नहीं किया जाएगा क्योंकि यह
बड़ी भीड़ को आकर्षित करेगा। सार्वजनिक
स्थानों पर फेस कवर / मास्क पहनना अनिवार्य है। व्यक्तियों को सार्वजनिक स्थानों
पर न्यूनतम 6 फीट की दूरी बनाए रखनी होगी।
पूजा
पंडाल / मंडप में उपस्थित व्यक्ति केंद्र / राज्य सरकार / स्थानीय प्रशासन द्वारा
जारी सामाजिक भेद, मास्क उपयोग, व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वच्छता के सभी COVID
19
प्रोटोकॉल का पालन करेंगे। पूजा आयोजित
करने वाले आयोजकों और अन्य व्यक्तियों को स्थानीय प्रशासन / उपयुक्त प्राधिकारी
द्वारा लगाए गए किसी अन्य शर्त (शर्तों) का पालन करना होगा। सभी जिला मजिस्ट्रेट / पुलिस अधीक्षक उपरोक्त
दिशानिर्देशों को सख्ती से लागू करेंगे। दंड के प्रावधान: इन दिशा निर्देशों का
उल्लंघन करने वाला कोई भी व्यक्ति आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की
धारा 51 से 60, इसके अलावा आईपीसी की धारा 188 के तहत कानूनी
कार्रवाई और लागू अन्य कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई के लिए उत्तरदायी
होगा।





