8 अक्टूबर को नहीं गए, अब दिसंबर की इस तारीख को राम मंदिर जाएंगे अखिलेश यादव, पवन पांडे ने किया ऐलान
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव 12 दिसंबर को परिवार के साथ अयोध्या में राम मंदिर दर्शन करेंगे। तारीख सपा नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडे ने बताई है। 8 अक्टूबर को अयोध्या आने पर भी उन्होंने रामलला के दर्शन नहीं किए थे, जिस पर बीजेपी और संत समाज ने सवाल उठाए थे। तब अखिलेश ने कहा था कि इटावा में केदारेश्वर धाम पूरा होने के बाद वह तारीख तय करके दर्शन करेंगे। अब उसी वादे पर वह हनुमानगढ़ी और राम मंदिर जाएंगे।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अब रामलला के दर्शन करने अयोध्या जा रहे हैं। इस दौरे की तारीख खुद सपा नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडे ने बताई है। पवन पांडे ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि अखिलेश यादव 12 दिसंबर को अयोध्या आएंगे। इस दौरान वह परिवार के साथ राम मंदिर में रामलला के दर्शन करेंगे। साथ ही हनुमानगढ़ी में हनुमान जी के भी दर्शन करने का कार्यक्रम है।
यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले अखिलेश यादव 8 अक्टूबर को अयोध्या आए थे, लेकिन तब उन्होंने राम मंदिर के दर्शन नहीं किए थे। उस समय वह पवन पांडे द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के समापन समारोह में शामिल होने आए थे। तब उनके कार्यक्रम में हनुमानगढ़ी जाने का जिक्र था, लेकिन राम मंदिर जाने का कोई कार्यक्रम नहीं था। इसको लेकर बीजेपी और संत समाज ने उन पर जमकर निशाना साधा था। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने कहा था कि अखिलेश की राम भक्ति संदेह के घेरे में है। हनुमानगढ़ी के पुजारी देवेश आचार्य और जगतगुरु परमहंस आचार्य ने भी कहा था कि अयोध्या आकर रामलला के दर्शन न करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
8 अक्टूबर को ही अयोध्या में पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा था कि उन्होंने संकल्प लिया है कि इटावा में श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर के पूरा होने के बाद वह अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन करेंगे। उन्होंने कहा था, "मैंने पहले ही कहा था कि केदारेश्वर धाम पूरा होने के बाद मैं अपने साथी पवन पांडे से तारीख तय करवाकर राम मंदिर दर्शन के लिए जाऊंगा।" अब वही तारीख सामने आ गई है। सूत्रों के मुताबिक, 12 दिसंबर को अखिलेश यादव लखनऊ से अयोध्या पहुंचेंगे। सबसे पहले वह हनुमानगढ़ी जाएंगे, वहां पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वह राम मंदिर में रामलला के दर्शन करेंगे। इस दौरान उनके साथ पत्नी डिंपल यादव, बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य भी हो सकते हैं।
पवन पांडे, जो अयोध्या विधानसभा सीट से सपा के घोषित प्रत्याशी हैं, इस पूरे दौरे की तैयारियों में जुटे हुए हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि यह दौरा पूरी तरह धार्मिक होगा, लेकिन राजनीतिक तौर पर भी इसका बड़ा संदेश जाएगा। उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में अखिलेश का राम मंदिर जाना सपा की बदली रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। सपा अब तक PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक की राजनीति पर फोकस करती रही है, लेकिन अब वह हिंदू आस्था के मुद्दों पर भी बीजेपी को टक्कर देना चाहती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अखिलेश के इस दौरे से सपा यह संदेश देना चाहती है कि वह राम भक्ति के खिलाफ नहीं है। वहीं बीजेपी का कहना है कि चुनाव देखकर अखिलेश को राम याद आ रहे हैं। फिलहाल, अयोध्या में 12 दिसंबर की तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रशासन भी अलर्ट पर है। सभी की नजर इस बात पर है कि क्या अखिलेश इस बार पूरे विधि-विधान से रामलला के दर्शन करते हैं और इस दौरे से यूपी की राजनीति में क्या नया मोड़ आता है।




