मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:22 · नई दिल्ली संस्करण

शादी के लिए माता-पिता की मंजूरी वाला कानून बने, राम कुमार गौतम ने हरियाणा विधानसभा में रखी मांग

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
शादी के लिए माता-पिता की मंजूरी वाला कानून बने, राम कुमार गौतम ने हरियाणा विधानसभा में रखी मांग

चंडीगढ़। हरियाणा के भाजपा विधायक राम कुमार गौतम ने उन युवाओं को लेकर प्रदेश में कानून बनाने की मांग की है, जो माता-पिता की मर्जी के बगैर घर से भागकर शादी कर लेते हैं। विधायक का कहना है कि लड़के-लड़कियों को माता-पिता की मर्जी से ही शादी करनी चाहिए।

राम कुमार गौतम के इस बयान पर भाजपा से राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला ने कहा कि यह गंभीर मुद्दा है और इससे सामाजिक वातावरण को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।

भाजपा विधायक राम कुमार गौतम के हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में विवाह से पहले माता-पिता की सहमति को अनिवार्य करने वाला कानून बनाने की मांग रखी। उन्होंने कहा, "कई बार बच्चों के भाग जाने से परिवारों को गंभीर संकट जैसे आत्महत्या तक का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि एक ऐसा कानून बनाया जाए जिसमें शादी से पहले माता-पिता की अनुमति अनिवार्य हो।"

इस पर सुभाष बराला ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है, जो युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुजुर्गों को समान रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक वातावरण को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।

आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि सभी को इस पर विचार करना चाहिए ताकि सामाजिक समस्याएं न बढ़ें।

बराला ने युवाओं की आकांक्षाओं और भावनाओं का सम्मान करते हुए सामाजिक मानदंडों और संस्कृति को बनाए रखने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा युवाओं की भावनाओं और सामाजिक मर्यादाओं के बीच संतुलन की मांग कर रहा है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दों पर विचार करना जरूरी है, क्योंकि समाज के वातावरण को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होना चाहिए। प्रयास यह रहना चाहिए कि सामाजिक समरसता बनी रहे।

सुभाष बराला ने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर 29 से लेकर 31 अगस्त तक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इस महोत्सव के तहत पूरे देश और प्रदेश में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

29 अगस्त से युवाओं के लिए एक पोर्टल खोला जाएगा, जहां अलग-अलग खेलों के लिए पंजीकरण कराया जा सकेगा। बराला ने कहा कि इन प्रतियोगिताओं से ग्रामीण स्तर पर खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए विश्वास जताया कि इन प्रयासों से नई-नई युवा प्रतिभाएं सामने आएंगी, जो देश का नाम रोशन करेंगी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें