मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:30 · नई दिल्ली संस्करण

फतेहाबाद में बारिश से मौसम ने बदली करवट, फसलों के लिए ‘अमृत’ है यह बौछार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
फतेहाबाद में बारिश से मौसम ने बदली करवट, फसलों के लिए ‘अमृत’ है यह बौछार

फतेहाबाद। उत्तर भारत में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ का व्यापक असर फतेहाबाद जिले में देखने को मिल रहा है। मंगलवार देर रात से शुरू हुआ बारिश का दौर बुधवार सुबह तक जारी रहा, जिससे पिछले कुछ दिनों से बढ़ रहे तापमान में अचानक गिरावट आई है और लोगों को एक बार फिर गुलाबी ठंड का अहसास होने लगा है। मंगलवार देर रात को ही वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो गया था।

बादलों की जोरदार गडग़ड़ाहट के साथ शुरू हुई बरसात पूरी रात रुक-रुक कर होती रही। बुधवार सुबह भी हल्की बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहा, जिसके कारण आसमान में गहरे बादल छाए रहे और दोपहर तक सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। पिछले सप्ताह तेज धूप निकलने के कारण लोगों ने पंखे चलाने शुरू कर दिए थे और गर्मी की आहट महसूस होने लगी थी, लेकिन इस ताजा बारिश और ठंडी हवाओं ने मौसम को एक बार फिर ठंडा कर दिया है। बुधवार सुबह 8 बजे तक जिले के विभिन्न हिस्सों में दर्ज की गई बारिश के आंकड़े: बारिश का विवरणफतेहाबाद 5.5 एमएमभट्टूकलां 5.0 एमएमटोहाना 3.0 एमएमजाखल 2.0 एमएमकृषि विशेषज्ञों की रायकृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बरसात वर्तमान में खेतों में खड़ी फसलों, विशेषकर गेहूं और सरसों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगी। यह बारिश फसलों के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। इस समय गेहूं की फसल को नमी और कम तापमान की सख्त जरूरत है। बारिश से न केवल सिंचाई की कमी पूरी होगी, बल्कि वातावरण में घुली धूल साफ होने से पौधों की बढ़वार भी अच्छी होगी। हालांकि, जिन इलाकों में जलभराव की स्थिति हो, वहां किसानों को जल निकासी का ध्यान रखना चाहिए। तापमान में आई इस गिरावट से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं, क्योंकि यह ठंड गेहूं के दानों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने में सहायक होगी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 घंटों तक आसमान में बादल छाए रहने और हल्की हवाएं चलने की संभावना है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें