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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:36 · नई दिल्ली संस्करण

लंबी गैरहाजिरी पर पंजाब सरकार सख्त, आबकारी एवं कर विभाग के 4 कर्मचारी बर्खास्त

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
लंबी गैरहाजिरी पर पंजाब सरकार सख्त, आबकारी एवं कर विभाग के 4 कर्मचारी बर्खास्त

चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने लंबे समय से ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए आबकारी एवं कर विभाग के चार कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। यह कार्रवाई 'डीम्ड इस्तीफा नियम' के तहत की गई है, जो एक साल से अधिक समय तक बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर लागू होता है।

सरकार का साफ कहना है कि अनुशासनहीनता और लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पंजाब सरकार के निर्देश पर राज्य कर आयुक्त जतींदर जोरवाल ने यह आदेश जारी किया। जिन कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है, उनमें तीन आबकारी एवं कर निरीक्षक और एक क्लर्क शामिल हैं। ये सभी कर्मचारी बार-बार नोटिस और मौके दिए जाने के बावजूद दफ्तरों में हाजिर नहीं हुए और बिना अनुमति लंबे समय तक गैरहाजिर रहे।

विभागीय जांच पंजाब सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 1970 के तहत पूरी की गई। जांच में सामने आया कि जालंधर-2 में तैनात एक निरीक्षक मार्च 2023 से ड्यूटी पर नहीं लौटा था, जबकि उसकी छुट्टी पहले ही रद्द की जा चुकी थी।

एक अन्य निरीक्षक जून 2023 से लगातार गैरहाजिर पाया गया और निलंबन के बावजूद न तो संतोषजनक जवाब दिया और न ही उसने मुख्यालय में रिपोर्ट किया।

वहीं, रोपड़ रेंज में तैनात एक निरीक्षक मई 2021 से गैरहाजिर था, जो स्वीकृत विदेश अवकाश के बाद भी ड्यूटी पर वापस नहीं आया।

इसके अलावा, जालंधर ऑडिट विंग में तैनात एक क्लर्क सितंबर 2023 से बिना अनुमति अनुपस्थित था। उसकी विदेश छुट्टी की मांग भी स्वीकृत नहीं हुई थी, फिर भी वह ड्यूटी पर नहीं लौटा।

नियमों के मुताबिक एक साल से अधिक समय तक बिना स्वीकृत छुट्टी गैरहाजिर रहने पर कर्मचारी को नौकरी से इस्तीफा दिया हुआ माना जाता है, जिसे 'डीम्ड रिजाइन' कहा जाता है।

इसी प्रावधान के तहत चारों कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि इन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी या अन्य सेवा लाभ नहीं मिलेंगे।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। जनता की सेवा के लिए नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी अगर ड्यूटी में लापरवाही बरतते हैं तो उनके लिए सरकारी सेवा में कोई जगह नहीं है।

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