पंजाब कांग्रेस में हलचल तेज, सिद्धू की मंत्रियों व विधायकों के संग बैठक, कैप्टन ने भी समर्थक मंत्रियों व विधायकों की बैठक बुलाई
पंजाब कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है। नवजाेत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने की चर्चा के बीच शाम काे गतिविधियां अचानक तेज हो गईं। सिद्धू ने चार मंत्रियों व कई विधायकों के साथ बैठक की तो कैप्टन अमरिंदर ने समर्थक मत्रियों व विधायकों संग बैठक की।
चंडीगढ़ : पंजाब कांग्रेस में बदलाव को लेकर हाईकमान द्वारा नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी प्रधान बनाने की घोषणा करना तय है। इसके साथ ही सिद्धू ने राज्य के कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक की। दूसरी ओर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी अपने करीब मंत्रियों व विधायकों और सांसदों के साथ बैठक कर रहे हैं। इससे पंजाब कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है और राज्य की सियासत गर्मा गई है। उधर, कैप्टन अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार ने सीएम के इस्तीफे की चर्चाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
सीएम के मीडिया सलाहकार ने कहा- न इस्तीफा दिया और न ही ऐसी कोई पेशकश
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नवजोत सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने के निर्णय के खिलाफ इस्तीफा देने की चर्चा भी फैल गई। कैप्टन की ओर से इसे पूरी तरह खारिज कर दिया गया। सीएम कैप्टन अमरिंदर के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने कहा कि इस तरह की चर्चाएं गलत और बेबुनियाद हैं। उन्होंने (कैप्टन अमरिंदर सिंह) ने नहीं तो इस्तीफा दिया है और न ही ऐसी कोई पेशकश की है। वह 2022 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस की जीत का नेतृत्व करेंगे जैसा कि 2017 में किया था।
रंधावा के घर पहुंचे सिद्धू
दूसरी ओर, नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस के नेताओं के साथ मेल-मिलाप शुरू कर दिया है। हालांकि यह मेल मिलाप मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के विरोधी खेमे से हुई। वीरवार देर शाम सिद्धू कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के सेक्टर 39 स्थित सरकारी आवास पर पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखबिंदर सिंह सरकारियां और चरणजीत सिंह चन्नी समेत करीब आधा दर्जन विधायकों के साथ बैठक भी की। सिद्धू का नाम तय होने के बाद सिद्धू पहली बार रंधावा के घर पहुंचे थे।
कोटकपूरा गोलीकांड को लेकर एसआईटी की जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद सुखजिंदर सिंह रंधावा ही पहले कैबिनेट मंत्री थे, जिन्होंने कैप्टन के खिलाफ मोर्चा खोला था। इसके बाद उनके साथ चरणजीत सिंह चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू भी जुड़ गए। धीरे-धीरे पूरी माझा ब्रिगेड जिसमें बाजवा, सुखजिंदर रंधावा और सुखबिंदर सिंह सरकारिया भी सिद्धू के साथ जुड़ गए। पूर्व में माझा ब्रिगेड कैप्टन अमरिंदर सिंह के खासे करीब थी। चार मंत्रियों और आधा दर्जन विधायक के जुड़ने ने सिद्धू को मजबूती मिल सकती है। इनमें सिद्धू के करीबी परगट सिंह, कुलबीर जीरा, बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा आदि शामिल है,माना जा रहा है कि रंधावा के यहां हुई बैठक में प्रदेश प्रधान की कमान संभालने के दौरान होने वाले समारोह व आगे की रणनीति को लेकर चर्चा हुई।
इसके साथ ही अध्यक्ष को लेकर स्थिति करीब-करीब साफ हो गई है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने संकेत दिया है कि नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष हो सकते हैं। रावत ने बताया कि पंजाब कांग्रेस को लेकर फार्मूला निकाल लिया गया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू मिलकर पार्टी के लिए कार्य करेंगे।
हाईकमान के संभावित फार्मूले के तहत नवजोत सिंह सिद्धू को अध्यक्ष बनाए जाने के साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह कैंपेन कमेटी चेयरमैन होंगे। विजय इंदर सिंगला व संतोख चौधरी कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाएंगे। प्रताप सिंह बाजवा मैनिफेस्टो कमेटी चेयरमैन होंगे। इन नामों की कभी भी घोषणा संभव है। संतोख सिंह कांग्रेस के दलित चेहरा और विजय इंदर सिंगला हिंदू चेहरा हैं।
इस फार्मूला की है चर्चा-
- नवजोत सिंह सिद्धू- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष।
- कैप्टन अमरिंदर सिंह - कैंपेन कमेटी कमेटी।
- विजय इंदर सिंगला - कार्यकारी अध्यक्ष।
-संतोख सिंह चौधरी- कार्यकारी अध्यक्ष।
- प्रताप सिंह बाजवा- मैनिफेस्टो कमेटी चेयरमैन।
हरीश रावत बोले- अगला विधानसभा चुनाव कैप्टन के नेतृत्व में ही लड़ेगी कांग्रेस
बता दें कि कई दिनों से चर्चाएं थीं कि कांग्रेस हाईकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब इकाई का अध्यक्ष बनाने का फैसला कर लिया है। इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि दो- तीन दिनों में इस बारे में घोषणा हो सकती है। इसके बाद आज सुबह से भी चर्चा भी कि आज ही इस बारे में घोषणा हो सकती है।
हरीश रावत ने कहा कि पंजाब में मूख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू मिलकर काम करेंगे। कांग्रेस अगले साल होेने वाला पंजाब विधानसभा चुनाव (Punjab Assembly Election 2022) मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में ही लड़ेेगी। कैप्टन पंजाब में करीब साढ़े चार साल से हमारे मुख्यमंत्री हैं और हम चुनाव में उनके नेतृत्व में ही उतरेंगे।
हरीश रावत ने कहा कि पंजाब कांग्रेस को लेकर एक फार्मूला तैयार कर लिया गया है। यदि नवजाेत सिंह सिद्धू पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष बनते हैं तो हमने दो कार्यकारी अध्यक्ष का फार्मूला भी तैयार किया है। पंजाब में पार्टी में सारा विवाद अब समाप्त हो जाएगा और सभी मिलकर 2022 के विधानसभा चुनाव में उतरेंगे।
पंजाब कांग्रेस में कलह के बाद आलाकमान पार्टी में विवाद समाप्त कराने के लिए फार्मूला तैयार करने में जुटा था। इसको लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू, प्रताप सिंह बाजवा सहित राज्य के सांसदों , विधायकों और मंत्रियों के साथ कांग्रेस की तीन सदस्यीय कमेटी ने चर्चा की। इसके बाद नवजोत सिंह सिद्धू की कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से भी मुलाकात हुई। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कांग्रेस की कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ बैठक हुई।
बताया जाता है कि पूरे मामले में फार्मूले पर मोहर राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की राहुल गांधी के साथ बैठक के बाद लगी। प्रशांत किशोर पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी माने जाते हैं और उनके मुख्य राजनीतिक सलाहकार भी हैं। प्रशांत किशोर को पंजाब सरकार ने कैबिनेट रैंक दे रखा है। बताया जाता है कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के लिए नवजोत सिद्धू के नाम पर सहमति के लिए कैप्टन को प्रशांत किशोर ने ही मनाया। प्रशांत किशाेर 2017 के विधानसभा चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्य रणनीतिकार थे।
लुधियाना में एक समर्थक द्वारा नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थन में लगाया गया पोस्टर।
उधर कांग्रेस आलाकमान की घोषणा से पहले ही पंजाब में नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थक में उत्साह है। लुधियाना में एक समर्थक ने नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थन में पोस्टर लगा दिया। इस पोस्टर पर नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू की तस्वीरें लगी हैं। इस पोस्टर पर लिखा है- 'बब्बर शेर एक ही होता है।' पोस्टर लगाने वाले व्यक्ति ने कहा कि उनका समर्थक हूं और मेरा कोई सियासी कनेक्शन नहीं है। मैं चाहता हूं कि वह (नवजोत सिंह सिद्धू) मुख्यमंत्री बनें और केवल वह ही पंजाब का विकास कर सकते हैं।





