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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:59 · नई दिल्ली संस्करण

अकाल तख्त के आदेश पर पंजाब के सीएम मान बोले- मैं वीडियो में नहीं, मुझे बदनाम करने की हो रही साजिश

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
अकाल तख्त के आदेश पर पंजाब के सीएम मान बोले- मैं वीडियो में नहीं, मुझे बदनाम करने की हो रही साजिश

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अकाल तख्त द्वारा सोमवार को धार्मिक कदाचार (रिलिजियस मिसकंडक्ट) का दोषी घोषित करार दिए जाने पर सफाई दी। उन्होंने कहा, "पिछले दिनों अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने एक वीडियो को लेकर कुछ हुकुमनामा जारी किया है। कहा जा रहा है कि यह एआई से बना वीडियो नहीं है लेकिन मुझे अकाल तख्त ने बुलाया था और मैंने साफ कर दिया है कि यह मेरा वीडियो नहीं है।"

पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा, "वीडियो में दिख रहे व्यक्ति का शरीर और अन्य चीजें उनसे मेल नहीं खातीं। धार्मिक संस्थाओं के ऊंचे पदों पर बैठे लोग अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर सिर्फ मुझे बदनाम करने के लिए प्रोपेगेंडा चला रहे हैं।

मैं गुरु साहिब की शिक्षाओं को ध्यान में रखकर फैसले ले रहा हूं। मैं पंजाब में खेती व किसानों को बचाने के लिए फैसले ले रहा हूं। ऐसा लगता है कि उन्हें मेरे फैसले पच नहीं रहे हैं और इसलिए वे मुझे बदनाम करने के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "अकाल तख्त सिखों की सर्वोच्च संस्था है और मैं भी इसे सर्वोच्च मानता हूं।

अकाल तख्त पर राजनीतिक नेताओं द्वारा की गई नियुक्तियों के कारण बदले की भावना से फैसले लिए जा रहे हैं और सिख संगत यह सब जानती है। मैं पंजाब के लिए दिन-रात काम करता हूं। जब उन्हें पता चला कि हमने बेअदबी-रोधी कानून बनाया है, जो वे खुद नहीं बना पाए थे और जिसकी लोग तारीफ़ कर रहे हैं तो उन्होंने उस कानून पर सवाल उठाए और कहा कि वे इसे मंजूर नहीं करते, जबकि पहले एसजीपीसी ही इसे बनाने की मांग कर रही थी।

2 दिसंबर को लोगों ने अकाल तख्त के सामने अपनी गलती मानी थी और बाद में सब कुछ नकार दिया।"

गौरतलब है कि अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को धार्मिक कदाचार (रिलिजियस मिसकंडक्ट) का दोषी घोषित कर दिया था। यह फैसला उस कथित वायरल वीडियो के आधार पर लिया गया, जिसमें मुख्यमंत्री मान पर सिख गुरुओं के चित्रों पर शराब छिड़कने का आरोप लगाया गया है। अकाल तख्त ने उन्हें "गुरु दोखी" और "खालसा पंथ विरोधी" करार देते हुए सिख समुदाय से उनके साथ सामाजिक और धार्मिक संबंध समाप्त करने की अपील की थी।

अकाल तख्त की ओर से यह भी घोषणा की गई कि पंजाब के सभी सिख विधायक, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से हों तथा राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य 29 जून को अकाल तख्त के समक्ष पेश हों। उन पर नए जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 को पारित कर सिख पंथ की भावनाओं और हितों को आहत करने का आरोप लगाया गया है।

जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने कहा कि दो सरकारी मान्यता प्राप्त फोरेंसिक लैब की जांच में यह वायरल वीडियो न तो एआई से बनाया गया और न ही उसके साथ कोई छेड़छाड़ की गई है।

उनके अनुसार दोनों रिपोर्टों में वीडियो को पूरी तरह प्राकृतिक और वास्तविक बताया गया है।

अकाल तख्त ने पंजाब सरकार द्वारा पारित जगत जोत श्री गुरुग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 के कुछ प्रावधानों पर भी कड़ा विरोध जताया। जत्थेदार गर्गज ने इसे पहले भी "काला कानून" बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की थी।

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